बृहस्पतिवार को हल्द्वानी में कार्यकर्ताओं के बीच एक कार्यक्रम में विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने खरीद फरोख्त की अब तक की सबसे बड़ी पेशकश का खुलासा करके सबको चौंका दिया। अमर उजाला से बातचीत में भी कुंजवाल ने अपने उन शब्दों को दोहराया, जो उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच कहे। कुंजवाल ने कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी से राजनीति की है और प्रलोभनों को हर बार खारिज किया।
सुलगते सवाल, कुंजवाल के जवाब
01-पेशकश करने वाले लोग कौन थे? इस सवाल का जवाब कुंजवाल सिर्फ इतना भर देते हैं-जो लोग भाजपा की सरकार बनाना चाहते थे, उन्होंने ही मुझे ये पेशकश की थी। पहली पेशकश रुपयों की थी, मुझसे कहा गया कि 100 करोड़ ले लो। मैंने इसे ठुकराया, तो फिर कहा गया कि नौ विधायकों की सदस्यता बचा लो, आपको सीएम बनवा दिया जाएगा। इसे भी मैंने खारिज कर दिया था।
02- इस पूरे मामले में सवाल कुंजवाल की मंशा पर भी खडे़ हो रहे हैं कि उन्होंने इतने दिनों तक ये बात क्यों छिपाए रखी। उस समय यदि इस रहस्य का खुलासा होता तो कांग्रेस की लड़ाई को और ताकत मिलती। इस पर कुंजवाल के अपने तर्क हैं। बकौल कुंजवाल- उस वक्त इस खुलासे से लड़ाई उलझती। मैंने इस बात पर ही फोकस किया कि लड़ाई को सूझबूझ से आगे बढ़ाया जाए। इसी वजह से हमारी जीत हुई।
अटल जी निधन से हम शोक संतप्त हैं। इस बारे में अभी कोई प्रतिक्रिया देने की स्थिति में नहीं हैं। जरूरत पड़ेगी तो बाद में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे। फिलहाल इस बारे में अभी कुछ नहीं कहना है।
- अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा