उसके कितने भी तर्क हों लेकिन इससे आशंकाएं जन्मती हैं। वह एक दलित परिवार की बिटिया थी। बड़ी जल्दबाजी में पुलिस ने उसकी अंत्येष्टि की। अब परिवार एवं गांव की पुलिस घेराबंदी कर दी गई है।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया। लिखा, मेरी जानकारी में ऐसा कोई नियम नहीं है कि एसआइटी जांच में परिवार किसी से मिल भी न पाए। इससे तो एसआईटी की जांच ही संदेह के दायरे में आ जाएगी। उन्होंने चिंता जाहिर की। लिखा, हमने अभी राम मंदिर का शिलान्यास किया है।
आगे देश में रामराज्य लाने का दावा किया है। किंतु इस घटना पर पुलिस की संदेहपूर्ण कार्रवाई से आपकी, सरकार की व भाजपा की छवि पर आंच आई है। आप एक बहुत ही साफ-सुथरी छवि के शासक हैं। मेरा आपसे अनुरोध है कि आप मीडियाकर्मियों को एवं अन्य राजनीतिक दलों के लोगों को पीड़ित परिवार से मिलने दीजिए।