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मुझे मंत्री पद से हटाना चाहते थे उत्तराखंड के नेता: जयराम

Sat, 18 Nov 2017 06:13 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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जयराम रमेश
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मुझे केंद्रीय मंत्री के पद से हटाने के लिए भाजपा के साथ ही मेरी पार्टी (कांग्रेस) के नेता भी मौजूदा प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से शिकायत करने पहुंच गए थे। उन्होंने हर मंच पर मुझे हटाने की मांग की। हालांकि, डॉ. सिंह ने मुझ पर अपना विश्वास बनाए रखा।
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शुक्रवार को इंटरनेशनल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल में हिस्सा लेने दून पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने यह खुलासा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नेता तीन जल विद्युत परियोजनाओं को मेरे मंत्रालय से मंजूरी नहीं मिलने के कारण नाराज थे।

जयराम रमेश ने कहा कि भारत में नेताओं को वन एवं पर्यावरण की चिंता करनी सीखनी होगी। इसके लिए उन्हें नहीं बोलना भी सीखना होगा, चाहे कितना विरोध हो। उन्होंने बताया कि अलकनंदा और भागीरथी नदी पर बन रही तीन जल विद्युत परियोजना को हमने मंजूरी नहीं दी।
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उत्तरकाशी में इको सेंसटिव जोन को लेकर रहा गतिरोध

जयराम रमेश
उत्तराखंड सरकार कॉर्बेट नेशनल पार्क के भीतर से छह लेन का एनएच बनाना चाहती थी, हमने उसे भी मंजूर नहीं किया। उत्तरकाशी में इको सेंसटिव जोन को लेकर भी गतिरोध रहा।

इस सब मामलों में भाजपा के साथ कांग्रेस के लोग भी एकजुट होकर मेरे खिलाफ हो गए। मुझे मंत्री पद से हटाने तक की कोशिश की गई, लेकिन मैंने प्रयास करना नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एसयूवी गाड़ियों पर टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव भी मैंने दिया था। तब लोगों ने मेरा विरोध किया।

उन्होंने इंदिरा गांधी पर लिखी अपनी किताब ‘इंदिरा गांधी : ए लाइफ इन नेचर’ के कई बिंदुओं पर भी चर्चा की। जयराम ने कहा कि इंदिरा गांधी एकमात्र प्रधानमंत्री थीं, जिनके  कार्यकाल में वन एवं पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को अपेक्षाकृत अधिक महत्व दिया जाता था।
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