पूर्व सीएम हरीश रावत को उनके कार्यकाल के दौरान शराब के मसले पर खूब घेरा जाता रहा है। इसकी टीस हरीश रावत के मन में बराबर बनी हुई है। इस बात का जिक्र करते हुए उन्होंने शुक्रवार को शराब के मसले पर सरकार की जमकर घेराबंदी की।
बाजपुर डिस्टलरी का मसला उठाया और कहा कि सरकार के संरक्षण में अवैध शराब का कारोबार तेजी से चल रहा है। जवाब देने के लिए आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने सामने आने में देर नहीं की। उन्होंने तथ्यों को सामने रखा और हरीश रावत के आरोपों को बेबुनियाद बताया।
हरीश रावत ने ये कहा
बाजपुर की डिस्टलरी बंद कर दी गई, ताकि शराब के अवैध कारोबारियों को लाभ पहुंचाया जा सके। चंडीगढ़ की शराब फैक्ट्रियों से उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब धड़ल्ले से बिक रही है। बगैर सरकारी संरक्षण के ये संभव नहीं है। मेरे कार्यकाल में भाजपा अवैध शराब की खूब बात करती थी, आज अपने राज के हाल तो देख ले।
प्रकाश पंत ने ये कहा
बाजपुर डिस्टलरी को एनजीटी के निर्देशों का पालन न करने की वजह से दो साल पहले बंद किया गया था। हम उसे शुरू कराने के लिए प्रयासरत हैं। थोड़ा बहुत काम शुरू भी करा दिया गया है। करीब 58 करोड़ की दरकार है, इसका इंतजाम किया जा रहा है। हमारी सरकार की आबकारी नीति से शराब के अवैध कारोबारियों पर सबसे ज्यादा प्रहार हो रहे हैं।