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Iपत्नी के साथ मिलकर निजी प्रयोग में लिए कैश वाउचर के माध्यम से निकाली रकमI
Iनेहरू कॉलोनी क्षेत्र स्थित पैनेसिया अस्पताल प्रबंधन समिति के पूर्व सचिव पर 40 लाख रुपये गबन करने का आरोप लगा है। आरोप है कि ये रुपये आरोपी ने सचिव रहते कैश वाउचर के माध्यम से निकाले। इसके बाद अपनी पत्नी के साथ मिलकर इन रुपयों को उसने अपने निजी प्रयोग में ले लिया। आरोप यह भी है कि अब आरोपी समिति के अन्य पदाधिकारियों से ढाई करोड़ रुपये की मांग करते हुए उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है।I
Iएसओ नेहरू कॉलोनी मोहन सिंह ने बताया कि समिति के कोषाध्यक्ष रणवीर सिंह चौहान की शिकायत पर पूर्व सचिव विक्रम सिंह रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। चौहान ने पुलिस को बताया कि विक्रम सिंह रावत समिति में लंबे समय से सचिव था। उसके पास ही वाउचर, बिल, दस्तावेज, भुगतान आदि की जिम्मेदारी थी। समिति के पदाधिकारियों को जब उस पर गड़बड़ी का शक हुआ तो उसे इस्तीफा देने के लिए कहा गया। समिति की मांग पर विक्रम सिंह रावत ने 31 जुलाई 2024 को इस्तीफा दे दिया।I
Iइस पर जब समिति ने जांच की तो पता चला कि उसने वाउचर के माध्यम से फरवरी 2024 में 15 लाख रुपये ज्योति बागवाड़ी को ट्रांसफर करने की अनुमति ली। इससे पहले पांच लाख रुपये 2022 में भी वह किसी राजीव राणा को ट्रांसफर करने की अनुमति ले चुका है। मगर, समिति का इन लोगों से कोई लेना देना नहीं है। इसके संबंध में उसने वाउचर भी गायब कर दिए। कुल मिलाकर उसने इसी तरह 40 लाख रुपये अस्पताल के खाते से निकाल लिए।I
Iविक्रम सिंह रावत से जब इसके बारे में पूछा गया तो वह उल्टा समिति पर ही तमाम आरोप लगाने लगा। उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगा। यही नहीं उसने धमकाया कि वह उनका जीना हराम कर देगा। उसने ढाई करोड़ रुपये की मांग भी की। ई-मेल के माध्यम से विक्रम सिंह रावत ने एक शिकायत भी उन्हें भेजी। आरोप है कि इस काम में उसकी पत्नी रितिका पंवार भी साथ रही। एसओ ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है।I
खोली में शांतनु का स्वागत करते कांग्रेस कार्यकर्ता। -संवाद