डॉ. कुमार ने बताया कि विश्वभर से इस कार्यक्रम के लिए कई हजार लोगों ने आवेदन किया था। हालांकि उन्होंने आवेदन नहीं किया, किंतु टीकाकरण और सामाजिक स्वास्थ्य पर भारत में किये गए उनके कार्यों का स्वत: संज्ञान लेकर लंदन स्कूल ने उन्हें इसके लिए चुना और गेट्स फाउंडेशन ने फंडिंग भी की। डॉ. राकेश 2004 से 2006 तक नैनीताल के डीएम रहे।
स्वास्थ्य में सुधार के प्रति अपनी लगन के चलते वे डीएम रहने के दौरान भी नियमित रूप से मरीजों का ऑपरेशन किया करते थे। नैनीताल में स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर भी उन्होंने अभियान चलाए। बाद में वे शासन में सचिव रहने के बाद केंद्र सरकार में चले गए गए थे। वर्ष 2015 में बच्चों के टीकाकरण संबंधी अभियान मिशन इंद्रधनुष की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सराहना की थी। अब उनके इस प्रशिक्षण और शोध प्रोजेक्ट का लाभ भारत को भी मिलेगा।