फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ठंडे बस्ते में पूर्व सैनिक आश्रितों की दोहरी पेंशन

Sun, 07 Dec 2014 10:05 AM IST
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व सैनिकों के हितैषी बनने के दावों के बावजूद उत्तराखंड सरकार पूर्व सैनिकों के आश्रितों को दोहरी पेंशन देने के आदेशों को ठंडे बस्ते में डाले हुए है।
विज्ञापन


केंद्र सरकार ने इस बाबत 17 जनवरी 2013 को ही शासनादेश जारी कर दिया था। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को अपने राज्य में दोहरी पेंशन व्यवस्था लागू कर दी है।

रक्षा मंत्रालय ने जारी किए थे अपने आदेश
17 जनवरी 2013 को रक्षा मंत्रालय ने जारी किए अपने आदेश में ऐसे सैन्य पेंशनरों के परिवारजनों के बारे में व्यवस्था की थी जो सैन्य सेवा से मुक्त होने के बाद केंद्र अथवा राज्य सरकार की सरकारी सेवाओं में दोबारा नियुक्ति पाते हैं।
विज्ञापन


ऐसे पूर्व सैन्य कर्मियों की मृत्यु के बाद सैन्य सेवा के लिए स्वीकृत पेंशन के साथ परिवार को उनकी सिविल सिविल सेवा के लिए भी स्वीकृत पारिवारिक पेंशन मिलेगी।

पूर्व सैनिक की मृत्यु के बाद दोहरी पेंशन व्यवस्था देने का औचित्य यह था कि सिविल में कार्मिक 60 बरस की सेवा से रिटायर होने का लाभ मिलता है, जबकि सैनिक कम उम्र में रिटायर होने के बाद दोबारा 60 बरस तक सिविल में सेवाएं देता है।

इस आदेश पर सैनिक कल्याण निदेशालय ने प्रस्ताव तैयार कर 17 र्मई 2013 को सचिव सैनिक कल्याण को भेजा। प्रस्ताव पर कई स्तरों पर मंथन होता रहा। निदेशालय ने इस बीच अपने जिला सैनिक कल्याण विभाग से लाभार्थियों के आंकड़े तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

12 जून 2014 को शासन ने जिलाधिकारियों को दोहरी पेंशन लाभ के आंकड़ों के लिए निर्देश जारी किए। जिसपर जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों ने सूची भी भेज दी। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

सैनिक कल्याण निदेशक ब्रिगेडियर एएन बहुगुणा ने बताया कि दोहरी पेंशन व्यवस्था की औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं, प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है।

सैन्य पेंशन बंद करवाई है तो करें आवेदन
17 जनवरी को जारी आदेश में पीसीडीए ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2013 से पहले की व्यवस्था अनुसार दोहरी पेंशन लेने वाले पूर्व सैनिक के निधन के बाद उसकी विधवा को सैन्य या सिविल में से जो पेंशन अधिक है, मिलती थी।

अगर किसी ने सिविल पेंशन ली है और सैन्य बंद करवा दी है तो वह नए सिरे से पीसीडीए से पत्राचार कर सिविल पेंशन के साथ सैन्य पेंशन भी शुरू करवा सकते हैं। यह प्रावधान 24 सिंतबर 2012 से प्रभावी किया गया है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें