लॉकडाउन में छूटी नौकरी तो बनाई थी लूट की योजना
पूछताछ में महेंद्र ने बताया कि वह आईएसबीटी के पास एक होटल में मैनेजर था। लेकिन, लॉकडाउन में कारोबार में मंदी आई तो काम छोड़ दिया। इसके बाद वह शराब का आदी हो गया। भंडारी बाग में आता-जाता रहता था। इस बीच उसे पता चला कि इस मकान में अकेली वृद्धा रहती हैं। लिहाजा आर्थिक तंगी में उसने लूट की योजना बना ली। महेंद्र यहां दो मार्च को आया और कमलेश से कमरा किराये पर लेने की बात कहकर मिला। उसने मकान के ऊपरी और निचले हिस्से को बारीकी से देख लिया। अगले दिन शाम करीब तीन बजे वह फिर से इस घर में आया। महेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसे लगा कि कमलेश कमजोर और वृद्ध हैं तो वह आसानी से लूट कर लेगा।
कमलेश एक दिन पहले से उसे जानती थी तो महेंद्र को बेड पर बैठने के लिए कहा और पानी लेने चली गईं। इस बीच महेंद्र ने मौका पाकर वहां रखे पर्स से पैसे निकालने शुरू कर दिए। कमलेश ने विरोध में चिल्लाना शुरू कर दिया। इस पर महेंद्र ने मुंह दबाकर गले को चाकू से रेत दिया और फरार हो गया। पर्स से वह केवल करीब पांच हजार रुपये लूट पाया। जाते वक्त उसने चाकू को आम के बगीचे में छुपा दिया था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी के कब्जे से चाकू भी बरामद कर लिया गया है।