आरोप है कि राहुल विजय ने जिन कामों के असली वर्क ऑर्डर बनाए थे उनके पैसे एएआई के ठेकेदार के खाते में जमा कर दिए। जबकि नकली वर्क ऑर्डर की रकम अपने खाते में ट्रांसफर करता रहा। इसके लिए उसने एएआई देहरादून के एसबीआई के खाते की तीन यूजर आईडी बनाईं। सीबीआई ने इस मामले में आरोपी राहुल विजय के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
इस तरह किया गबन
आरोपी ने 29 सितंबर 2021 को 67.81 करोड़ रुपये के फर्जी कार्य आदेश बनाए। इसके अगले दिन 189 करोड़ रुपये की 17 अतिरिक्त फर्जी परिसंपत्तियां जिनमें बिजली से संबंधित भी थीं बनाईं। ये संपत्तियां देहरादून हवाई अड्डे पर थी ही नहीं। यह सारी रकम अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। इसी तरह हवाई अड्डे पर 13 वास्तविक संपत्तियां थीं जिनके वर्क ऑर्डर निकाले गए थे मगर राहुल विजय ने इसमें शून्य जोड़कर इन्हें 130 बना दिया। इसके अलावा 43 करोड़ रुपये की गलत इंट्री दिखाकर यह रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। आरोप है कि ज्यादातर कामों में अनियमितताएं उसने हवाई अड्डे के नए टर्मिनल के निर्माण के दौरान कीं।