उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि कुंभ-2010 में जबरदस्ती का घोटाला बताया जा रहा है।
यदि कुंभ में कुछ गड़बड़ी हुई है तो मुख्यमंत्री को इसकी सीबीआई जांच कराने की हिम्मत दिखानी चाहिए। नहीं तो झूठे आरोप लगाने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय उनसे माफी मांगें।
अगर ऐसा नहीं हुआ तो कोर्ट में अवमानना का वाद दायर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुंभ को लेकर जनहित याचिका भी हाईकोर्ट खारिज कर चुकी है। मेरे पास सारे प्रमाण हैं, कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।
पिछले दिनों एक पदयात्रा में कांग्रेस ने भाजपा शासन के कुंभ व अन्य मामलों के पुतले बनाकर झांकी निकाली और गंभीर आरोप लगाए थे। इसी बात को लेकर शुक्रवार को निशंक ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बात की और कहा कि कुंभ में कोई गड़बड़ी नहीं हुई।
कांग्रेस मुझे बदनाम कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस कुंभ घोटाले की बात कांग्रेस कर रही है मैं वहीं से लोकसभा का चुनाव जीता हूं। यदि मैंने घोटाला किया होता तो जनता मुझे लोकसभा में नहीं भेजती। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने भी इसमें कोई गड़बड़ी नहीं मानी है। कोर्ट ने यह जरूर कहा था कि मेले के लिए कराए गए कार्यों में गुणवत्ता ठीक नहीं है और यह तेजी के साथ काम होने से हुआ।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री में थोड़ा भी स्वाभिमान और हिम्मत बची है तो उन्हें कुंभ की सीबीआई जांच करा लेनी चाहिए। मुझे सिटूर्जिया के भूमि मामले और हाइड्रो पावर आवंटन में भी हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से क्लीन चिट मिल चुकी है। कुंभ से लेकर सिटूर्जिया, हाइड्रो किसी भी प्रकरण में मेरी कोई भूमिका नहीं है।
निशंक ने कहा कि मैं आरोप लगा रहा हूं, कांग्रेस की सरकार ने खनन और आपदा में बड़े पैमाने पर घोटाले किए। उन्होंने कहा कि 177 देश अंतरराष्ट्रीय दिवस पर योग कर रहे हैं और हरीश रावत बयानबाजी कर योग की धरती उत्तराखंड को शर्मिंदा करने का काम कर रहे हैं।