उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी यमुना कालोनी स्थित अपना सरकारी आवास खाली कर दिया है।
उन्होंने इस संबंध में आधिकारिक रूप से मंगलवार को राज्य संपत्ति विभाग को अवगत करा दिया है। निशंक से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी और बीसी खंडूड़ी भी सरकारी आवास की सुविधा छोड़ चुके हैं।
प्रदेश में यूपी की तर्ज पर पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। इसके विरोध में रूलक संस्था की ओर से 2010 नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका पर अभी सुनवाई जारी है। कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवास को खाली कराने का निर्देश दिया था।
कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश के पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों भगत सिंह कोश्यारी, नारायण दत्त तिवारी, बीसी खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक और विजय बहुगुणा को राज्य संपत्ति विभाग ने आवास खाली करने का नोटिस दिया था। विभाग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवास का किराया तय कर उसे जमा कराने का नोटिस भी दिया गया है।
इस नोटिस के क्रम में सबसे पहले भगत सिंह कोश्यारी ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया। इसके बाद बीसी खंडूड़ी ने भी यमुना कालोनी स्थित सरकारी आवास को खाली कर दिया था। एनडी तिवारी और विजय बहुगुणा ने अभी तक अपना आवास खाली नहीं किया है।