पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने कहा कि हरिद्वार में जिस तरह से पंचायतों का परिसीमन और आरक्षण किया गया, उससे साफ है कि पंचायत चुनाव की व्यवस्था सरकार नहीं बल्कि एक गिरोह संचालित कर रहा है। पंचायत चुनाव में गिरोह अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नहीं है। इसलिए इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
पूर्व सीएम ने कहा कि हरिद्वार में पंचायतों का परिसीमन, आरक्षण और बेरोजगारी, महंगाई के खिलाफ 18 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास पर अकेले उपवास करेंगे। जबकि इससे पहले 16 अगस्त को सिडकुल में करीब तीन किलोमीटर का पैदल मार्च करेंगे।
शनिवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए हरीश रावत ने कहा कि सीबीआई, ईडी, इनकम टैक्स, विजिलेंस सहित तमाम संस्थाओं को सरकार ने टूल किट बना दिया है। इन संस्थाओं की स्वायत्तता का अपहरण कर लिया गया है। जब तक सरकार की दखल अंदाजी इनमें होती रहेगी, तब तक कांग्रेसजन सत्याग्रह करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि महंगाई और बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई। दुनिया में भारत और पूरे देश में उत्तराखंड के अंदर सर्वाधिक बेरोजगारी है। दाल, चावल, आटे से लेकर हर चीज पर जीएसटी लगाकर जनता को बेहाल कर दिया है। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव आफाक अली, सतपाल ब्रह्मचारी, संतोष चौहान, मनीष कर्णवाल, पूर्व शहर अध्यक्ष रवि बाबू शर्मा आदि शामिल रहे।
रविवार को सीएम आवास पर करना था उपवास
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि पंचायती व्यवस्था को लेकर हरिद्वार में जो कुछ हो रहा है उसके लक्षण ठीक नहीं हैं। इसलिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास के सामने ही उपवास करना था। जिसके लिए सात अगस्त रविवार का दिन तय था। लेकिन, मुख्यमंत्री कुछ दिन के लिए दिल्ली गए हैं। इसलिए अब 18 अगस्त के दिन उपवास के लिए चुना है।
भर्ती खोलने के बजाय अग्निपथ का लॉलीपॉप
उन्होंने कहा कि सरकार ने बेरोजगारी को खत्म करने के लिए सरकारी भर्तियां खोलने के बजाय अग्निपथ का लॉलीपॉप थमा दिया है। अग्निपथ से आने वाले 10 सालों में सभी रेजिमेंट खत्म होने के कगार पर पहुंच जाएंगे।