भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री, पूर्व जिला पंचायत सदस्य और सांसद अजय टम्टा के प्रतिनिधि गोविंद सिंह सामंत को पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप लगा है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री और प्रदेश कार्यालय प्रभारी राजेंद्र भंडारी ने इस आशय का सोमवार को पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के निर्देशानुसार सामंत को पार्टी विरोधी गतिविधियों और घोर अनुशासनहीनता के चलते निष्कासित किया जाता है।
भाजपा नेता सामंत ने चंपावत ब्लॉक के सल्ली से बीडीसी सदस्य का चुनाव भी लड़ा था। कहा जा रहा है कि 40 सदस्यीय चंपावत ब्लॉक के कई बीडीसी सदस्य उनके संपर्क में हैं। पार्टी का आरोप है कि इन सदस्यों का उपयोग वे भाजपा प्रत्याशी के विरोध में कर रहे हैं। इससे पूर्व रविवार को सामंत से कुछ बड़े नेताओं ने संपर्क कर मनाने का प्रयास भी किया लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद पार्टी ने कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया।
उधर निष्कासित भाजपा नेता सामंत ने कहा कि उन्होंने पार्टी अनुशासन को नहीं तोड़ा बल्कि उन्हें सल्ली बीडीसी सीट से हराने के लिए भाजपा के कई बड़े नेताओं ने खुल कर साजिश की। वे पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और निष्कासित किए जाने के बावजूद भाजपा के लिए काम करते रहेंगे।
पांच नेता डेढ़ माह पूर्व हो चुके हैं निष्कासित
पिछले महीने हुए जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने वाले पांच प्रत्याशियों को पार्टी सितंबर में निष्कासित कर चुकी है। निष्कासित नेताओं में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हिमेश कलखुड़िया, हेमा कनवाल, दीपक जोशी, गीता देवी और सुरेंद्र सामंत शामिल हैं। इनमें से सुरेंद्र सामंत जिला पंचायत की फर्तोला सीट से चुनाव भी जीत चुके हैं।
रद्द किए जा चुके निकाय चुनाव के दौर के निष्कासन
इस बार के पंचायती चुनाव में भाजपा ने अब तक भले ही आधा दर्जन पार्टी नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया हो, लेकिन निष्कासन लंबा नहीं चलता। पिछले साल अक्तूबर-नवंबर में नगर निकाय चुनाव के दौरान भाजपा के दो नेताओं (टनकपुर के विपिन वर्मा और चंपावत के तत्कालीन पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी) को पार्टी के बागी प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने के चलते निष्कासित किया गया था लेकिन अब दोनों ही नेता पार्टी में हैं। टनकपुर के पालिकाध्यक्ष बने विपिन वर्मा को लोकसभा चुनाव से पूर्व अप्रैल में पार्टी में शामिल किया गया। जबकि पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी की खुद भाजपा के वरिष्ठ नेता भगत सिंह कोश्यारी ने चंपावत में घर वापसी कराई।