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उज्ज्वला के तहत नहीं आए आवेदन तो फिर कौन ‘पी’ रहा केरोसिन?

Thu, 16 Jun 2016 08:14 PM IST
महेश्वर प्रसाद सिंह/ अमर उजाला, देहरादून
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मिट्टी के तेल - फोटो : demo pic
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उज्जवला फ्री गैस कनेक्शन योजना के तहत देहरादून जिले के शहरी क्षेत्र में अभी तक एक भी ऐसा परिवार नहीं मिला है, जिसके पास गैस कनेक्शन न हो।
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दूसरी ओर, शहरी क्षेत्र में हर महीने तीन सौ किलो लीटर केरोसिन का वितरण राशन कार्ड धारकों को किया जा रहा है। नियमानुसार केरोसिन उन्हीं परिवारों को मिल सकता है, जिनके पास गैस कनेक्शन नहीं है। अब यह केरोसिन कहां खप रहा है, यह बड़ा सवाल है। कुल मिलकर यह मामला बड़े घपले की ओर इशारा कर रहा है।

इस बात का खुलासा अमर उजाला पहले ही कर चुका है कि आर्थिक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर बनी गरीबों की सूची में तमाम अमीरों के नाम भी शामिल हैं और कइयों के बीपीएल श्रेणी के राशन कार्ड भी बने हुए हैं। अब गरीबों को सब्सिडी पर मिलने वाले केरोसिन को लेकर भी घपले की बू आ रही है।
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उज्ज्वला योजना के बहाने यह एक और बड़ा खुलासा हुआ है। फ्री गैस कनेक्शन योजना के तहत गैस एजेंसियों के पास अभी तक एकाध ही आवेदन पहुंचे हैं। लेकिन भौतिक सत्यापन में इन परिवारों के पास गैस कनेक्शन पाया गया। सवाल यह है कि यदि सभी के पास गैस कनेक्शन हैं तो केरोसिन किसे दिया जा रहा है? हालांकि जिला पूर्ति विभाग का दावा है कि केरोसिन का वितरण उपभोक्ताओं को ही किया जा रहा है।

जनपद के उपभोक्ताओं की स्थिति
जनपद में अंतयोदय योजना के तहत उपभोक्ताओं की संख्या लगभग साढ़े चौदह हजार है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत एक लाख 98 हजार राशन कार्ड बनाए गए हैं। एपीएल श्रेणी में करीब डेढ़ लाख उपभोक्ता हैं। विभाग का दावा इनमें से ज्यादातर को एक लीटर प्रतिकार्ड के हिसाब से केरोसिन दिया जाता है। दूसरी ओर, जनपद में गैस उपभोक्ताओं की संख्या करीब पांच लाख है।
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जिनके पास गैस कनेक्शन नहीं हैं उन्हें ही केरोसिन का वितरण किया जाता है। वैसे सरकार ने केरोसिन का कोटा 70 प्रतिशत कम किया है, आने वाले समय में बेहद कम कोटा हो जाएगा।
 -पीएस पांगती, जिला पूर्ति अधिकारी
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