फर्जी खेल अधिकारी बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपए हड़पने वाले ठग ने शादी में भी फर्जीवाड़ा किया।
आपराधिक रिकार्ड खंगाल रही पुलिस
खुद को अविवाहित बताकर एक युवती से शादी कर ली। दोनों पत्नियों को उसने अलग-अलग मकानों में रखा था। बाहर जाने पर दूसरी पत्नी को कमरे में बंद कर जाता था। पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकार्ड खंगाल रही है।
शुक्रवार देर रात पुलिस ने साहिल आकाश उर्फ साबिर खान को मोथरोवाला स्थित उसके कमरे से गिरफ्तार किया था। इंदर रोड निवासी सबील अहमद की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई की गई थी। साबिर ने सबील को खुद को खेल अधिकारी बताया था।
उसने सबील से उनके दोनों बेटों की नौकरी लगाने के नाम पर 87 हजार हड़प लिए थे। रुपये लौटाने की मांग पर जान से मारने की धमकी दी थी।
नौकरी दिलाने के नाम पर लिए लाखों रुपए
पूछताछ में पता चला कि साबिर ने भगत सिंह कालोनी निवासी राजू से 1.25 लाख, विजय सिंह से 70 हजार, रमेश शेखर से 40 हजार रुपए उनके बेटों की नौकरी दिलाने के नाम पर लिए थे।
साबिर ने दावा किया था कि वह रुड़की के एक केंद्रीय संस्थान में नौकरी लगवाएगा। जांच में पता चला है कि साबिर ने दो शादी की हैं। पहली पत्नी और तीन बच्चे मोथरोवाला में किराये के मकान में रहते हैं।
दूसरी बीवी वाणी विहार रायपुर में किराये पर रहती है। पूछताछ में साबिर ने बताया कि उसने बागेश्वर जिले की एक युवती से पिछले साल मंदिर में शादी की। युवती को नाम साहिल आकाश और अविवाहित बताया था।
यह भी बताया कि घर से बाहर जाने पर वह दूसरी पत्नी को कमरे में बंद कर बाहर से ताला लगा देता था। एसपी सिटी नवनीत भुल्लर ने बताया कि साबिर की दूसरी पत्नी की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है।
ठग के बारे में पड़ताल कर कार्रवाई की जा रही है। अब तक जांच में पता चला है कि साबिर बीस साल पहले लद्दावाला मुजफ्फरनगर से मच्छी बाजार, रुड़की आया था। करीब एक साल पहले उसने दून में रहना शुरू किया था।
वोटर कार्ड भी फर्जी
पुलिस के मुताबिक, साबिर का वोटर कार्ड भी फर्जी है। साबिर ने अपने पिता का नाम गलत लिखवाया है।
पता अजबपुर, देहराखास थाना कोतवाली लिखा है, जबकि दोनों जगह क्रमश: थाना नेहरू कॉलोनी और थाना पटेलनगर के अंतर्गत आते हैं। वोटर कार्ड बनाने वालों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
रायपुर थाने ने नहीं सुनी फरियाद
ठगी के शिकार लोगों ने कुछ दिन पहले रायपुर थाने में शिकायत की थी। लेकिन रायपुर पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। लोग कई दिन तक रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भटकते रहे।
अब डालनवाला पुलिस ने पीड़ितों की शिकायतों को सबील अहमद की ओर से दर्ज मुकदमे में शामिल कर लिया है।