1.45 लाख रुपए फीस वसूलने के बाद भी मैरीन एकेडमी ने न तो कोर्स पूरा कराया, न ही वादे के मुताबिक छात्र का प्लेसमेंट किया गया।
एकेडमी पर 1.60 लाख का जुर्माना
मामले में देहरादून स्थित जिला उपभोक्ता फोरम ने दिल्ली की मैरीन एकेडमी पर 1.60 लाख का जुर्माना लगाया है। देहरादून के वाणी विहार रायपुर निवासी अंकित सिंह पाल ने एक्सल्ट मैरीन एकेडमी, उत्तम नगर मेट्रो स्टेशन, नई दिल्ली का विज्ञापन देख 26 अक्तूबर 2010 को छह माह के डेक कैडेट कोर्स में दाखिला लिया।
संस्थान का एक ऑफिस देहरादून में भी है। कोर्स का शुल्क 1.55 लाख था, जिसमें संस्थान ने दस फीसदी छूट दी थी। दावा था कि छह माह के कोर्स के बाद प्लेसमेंट किया जाएगा। लेकिन संस्थान ने सिर्फ तीन माह 24 दिन का कोर्स कराया।
प्लेसमेंट तो दूर कोर्स का प्रमाणपत्र तक नहीं दिया गया। अंकित के मुताबिक प्रमाणपत्र न देने पर फीस लौटाने की मांग भी अनदेखी कर दी गई। इस पर अंकित ने जिला उपभोक्ता फोरम में अपील की। एक्सल्ट मैरीन एकेडमी ने प्रार्थनापत्र देकर मामला निरस्त करने का अनुरोध किया था।
कहा गया कि मामला दिल्ली का है, वहीं ट्रांसफर किया जाए। लेकिन फोरम ने इसे खारिज कर दिया। बुधवार को फोरम के अध्यक्ष बलवीर प्रसाद एवं सदस्य अलका नेगी ने फैसले में कहा कि उपलब्ध साक्ष्य से स्पष्ट है कि कोर्स छह माह का था और प्लेसमेंट गारंटी दी गई थी।
लेकिन संस्थान ने अंकित को एक दिन के कोर्स का एक और दो-दो दिन के कोर्स के तीन प्रमाणपत्र दिए। फोरम ने फीस की रकम और मामले का पूरा खर्च वादी को चुकाने का आदेश दिया।
ये बनाए गए आरोपी
एक्सल्ट मैरीन एकेडमी नई दिल्ली, दीपक कुमार एक्सल्ट मेरीन एकेडमी नई दिल्ली और शाखा प्रबंधक तृतीय तल रोहिणी प्लाजा राजपुर रोड देहरादून