वन आरक्षी प्रशिक्षण केंद्र रामपुर मंडी में सोमवार को 100वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें 43 वन आरक्षी पास आउट हुए। पास आउट के दौरान भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडॉन के सोहन चंद्र जुयाल और राजाजी टाईगर रिजर्व देहरादून के अमीर चंद शाह को वन दरोगा के पद पर पदोन्नति प्रदान की गई।
मुख्य अतिथि प्रमुख वन संरक्षक जयराज को प्रशिक्षु वन आरक्षियों ने पासिंग आउड परेड कर सलामी दी। उपनिदेशक ने चालू प्रशिक्षण वर्ष की प्रशिक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस प्रशिक्षण वर्ष में कुल 43 वन आरक्षी पास आउट हुए। जिसमें 17 वन प्रभागों के 39, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से एक और वन अनुसंधान संस्थान देहरादून के तीन वन आरक्षियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया। प्रशिक्षण में 1153 अंक के साथ उमा शंकर बड़वाल प्रथम स्थान पर रहे। 1148 अंक के साथ राम भरोसा दूसरे और 1142 अंक के साथ दीपक कुमार तीसरे स्थान पर रहे।
प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने कहा कि यह वन केंद्र के लिए गौरव की बात है कि आज उसका 100 वां दीक्षांत समारोह मनाया जा रहा है। 1957 में इस केंद्र की स्थापना हुई थी। अब तक केंद्र से 1090 वन आरक्षी पास आउट हो चुके हैं। वन वर्धन और वन अभियांत्रिकी एवं सर्वेक्षण के क्षेत्र में उमा शंकर बडवाल को एसके सेठ और राज नारायण सिंह पदक से सम्मानित किया गया।
वन उपयोग के क्षेत्र में दीपक कुमार को कृष्ण मुरारी तिवारी पदक से नवाजा गया।
सामुदायिक वानिकी एवं ग्रामीण विकास और क्रियात्मक कार्यों में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए राम भरोसा को रामेश्वर सहाय पदक से सम्मानित किया गया। दौड़, कैरम, बैस्ट ड्रिल, शतरंज में सिद्धार्थ राणा, वॉलीवाल में विरेंद्र सिंह राणा और बैडमिंटन में रामभरोसा को सर्वोच्च शिखलाड़ी चुना गया। खेमराज सिंह चौहान बेस्ट जनरल सेकेट्री चुना गया। इस अवसर पर डीएफओ दीप चंद्र आर्य, एसके काला, वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र हिंगवाण, प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी गोविंद सिंह चौहान, वन दरोगा सत्येंद्र सिंह गुंसाई, प्रशिक्षक मथुरा प्रसाद बिजल्वाण, प्रताप सिंह नेगी, शारीरिक प्रशिक्षक ज्ञानेंद्र थापा, रमेश सिंह नेगी आदि मौजूद रहे।