उत्तराखंड के दूरस्थ अंचलों में बसने वाले ग्रामीण जंगलों के रक्षक हैं, लेकिन कुछ समय से मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले बढ़ रहे हैं।
सबको सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी
वन्यजीव रक्षकों की ही जान लेने लगे हैं। गुलदारों, हाथियों के हमलों में हर साल ग्रामीणों की जिंदगियां खत्म हो रही हैं। इसकी वजह जानना जरूरी है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए सजग होना होगा। सीएम हरीश रावत ने बुधवार को वन्यजीव सप्ताह की शुरुआत पर यह बात कही।
आईसीएफआरई आडिटोरियम में वन विभाग की ओर से वन्यजीव सप्ताह के शुभारंभ पर वन्यजीवों की फोटो प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान सीएम हरीश रावत ने गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क के 25 वर्ष पूरे होने पर डाक विभाग द्वारा जारी विशेष आवरण पत्र और वन्यजीव पर आधारित आवरण पत्र का विमोचन किया।
सीएम ने कहा कि प्रकृति के संरक्षण के लिए सबको सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी। वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में वन्यजीव और पर्यावरण हमारे जीवन से जुड़े हैं।
इस अवसर पर प्रमुख वन संरक्षक एसएस शर्मा, प्रमुख वन संरक्षक बीना शेखरी, प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव एके दत्ता, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक डीबीएस खाती, एंटी पोचिंग सेल हेड डा. धनंजय मोहन, अपर सचिव वन मनोज चंद्रन आदि अधिकारी मौजूद रहे।
पीवीआर में दहाड़ेगा बाघ
इस साल वन्यजीव सप्ताह बच्चों के लिए भी खास होगा। वन विभाग की प्रतियोगिताओं में उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा, पीवीआर सिनेमा में वाइल्डलाइफ संबंधी फिल्म भी दिखाई जाएगी। कार्बेट नेशनल पार्क में बर्ड वाचिंग का भी अवसर दिया जाएगा।
एक से सात अक्तूबर तक विभिन्न स्कूलों में रैली, निबंध, चित्रकला, वाद विवाद प्रतियोगिता होंगी। बच्चों को वन्यजीवों के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग मुफ्त में कैप, पुस्तक और पोस्टर बांटेगा। दो से छह अक्तूबर के बीच एफआरआई में वन्यजीव फोटो प्रदर्शनी, कार्बेट नेशनल पार्क में बर्ड वाचिंग, गांधी पार्क में वन्यजीव संरक्षण का संकल्प पत्र अभियान चलेगा।
स्कूली बच्चे सात अक्तूबर तक दून के मालसी डियर पार्क के अलावा नैनीताल और अल्मोड़ा जू में निशुल्क प्रवेश कर सकेंगे।
छह अक्तूबर को पैसिफिक मॉल स्थित पीवीआर में वन्यजीव पर फिल्म दिखाई जाएगी, जिसमें पहला शो 11 बजे से 12 बजे और दूसरा शो एक बजे से दो बजे के बीच होगा। इसमें कक्षा तीन से 12 तक के छात्र मुफ्त एंट्री पा सकते हैं।