उत्तराखंड में वन दरोगा भर्ती घपले में दर्ज मुकदमे को रायपुर थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है। छह लोगों के खिलाफ यह मुकदमा साइबर थाने में चार सितंबर को दर्ज किया गया था। मैमर्स एनएसईआईटी लिमिटेड एजेंसी के माध्यम से यह परीक्षा कराई गई थी। इस कंपनी को व्यापम, मध्य प्रदेश ने बैन किया था। हरिद्वार के दो दलाल भी इस मामले में गिरफ्तार हो चुके हैं।
VPDO Recruitment Scam: धूमाकोट का सरकारी शिक्षक गिरफ्तार, ओएमआर शीट में छेड़छाड़ करने का आरोप
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि वन दरोगा के 316 पदों पर भर्ती परीक्षा 16 से 25 सितंबर 2021 के बीच 18 शिफ्टों में ऑनलाइन हुई थी। जांच के बाद परीक्षा में अनियमितता और कुछ छात्रों के अनुचित साधनों के प्रयोग की पुष्टि हुई थी। इसके बाद साइबर थाने में आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि इसमें कुछ छात्रों को चिह्नित भी कर लिया गया है। इसमें शामिल कुछ नकल माफिया को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ के बाद इस परीक्षा को कराने वाली एजेंसी की संलिप्तता के साक्ष्य भी मिले थे।
ऐसे में अब धोखाधड़ी, आपराधिक और नकल अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। इस मामले को साइबर थाने से रायपुर थाने में ट्रांसफर कर दिया गया है। मुकदमे की विवेचना भी एसटीएफ ही कर रही है।