भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे वन दरोगा कैलाश चंद्र कपिल को भी अगले माह सेवानिवृत्त होना है, लेकिन इससे पहले ही एक ऑडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबन की कार्रवाई झेलनी पड़ी है। कपिल वन विभाग के एक कर्मचारी यूनियन के नेता भी हैं।
प्रमोशन के बाद अवमुक्त होने थे रेंजर
डीएफओ नीतीशमणि त्रिपाठी द्वारा जारी आदेश में वन क्षेत्राधिकारी गणेश चंद्र त्रिपाठी को डीएफओ कार्यालय से संबद्ध किया है। करीब दो माह पूर्व ही गणेश चंद्र त्रिपाठी पदोन्नत होकर एसडीओ बने थे और उन्हें रानीखेत वन प्रभाग का चार्ज मिला था। कुछ दिन बाद ही उन्हें तराई पूर्वी वन प्रभाग से रेंजर के पद से अवमुक्त होना था।
मुझे साजिशन फंसाया गया है। कुछ दिन पूर्व बिंदुखत्ता निवासी एक युवक ने उन्हें फोन कर उसके पास एक ऑडियो होने की बात कही और 20 लाख रुपये की मांग की। कुछ देर बाद युवक ने उन्हें एक ऑडियो भेजा, जिसमें उनकी आवाज को एडिट किया था। इस संबंध में वह युवक के घर भी बात करने पहुंचे, जहां उसने 12 लाख रुपये की डिमांड की। इसके बाद युवक ने उन्हें व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर 10 लाख रुपये की मांग की। मैंने रिश्वत मांगने वाले युवक के वाहन अवैध खनन में सीज किए हैं। इस कारण युवक ने मुझे झूठे आरोप में फंसाया है।
-कैलाश चंद्र कपिल, वन दरोगा।