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रिश्वत मांगने के आरोप में गौला रेंज का वन दरोगा निलंबित, ऑडियो हुआ था वायरल 

Wed, 01 Jan 2020 09:09 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी/लालकुआं
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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उत्तराखंड के हल्द्वानी में अवैध खनन कराकर कथित तौर पर रिश्वत मांगने का वन दरोगा का ऑडियो वायरल होने के बाद तराई पूर्वी वन प्रभाग के डीएफओ ने गौला रेंज के इस आरोपित वन दरोगा को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच एसडीओ सितारगंज को सौंपी गई है। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी (गौला) को डीएफओ कार्यालय से अटैच कर दिया है। 

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 सोमवार को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ। इसमें वन दरोगा अवैध खनन से जुड़े व्यक्ति से अवैध खनन के बदले लेनदेन जैसी बात करता सुनाई दे रहा है। वहीं, अवैध खनन करने वाला व्यक्ति पकड़े जाने पर किसी को रकम देने की बात कह रहा है, लेकिन वनाधिकारी उसे ही महीना देने की बात कहता है। ऑडियो में 60 से 70 हजार रुपये महीने की 14 तारीख को देने की बात भी कही जा रही है। 

 प्रभागीय वनाधिकारी नीतीशमणि त्रिपाठी के संज्ञान में मामला आने पर उन्होंने गौला रेंज के कर्मचारियों और वन क्षेत्राधिकारी से ऑडियो की जांच कराई। इसमें रिश्वत मांगने वाले की पुष्टि गौला रेंज के वन दरोगा कैलाश चंद्र कपिल के रूप में हुई है। इस पर डीएफओ त्रिपाठी ने कैलाश चंद्र कपिल को निलंबित कर मामले की जांच एसडीओ सितारगंज को सौंप दी है। मामले में वन क्षेत्राधिकारी गणेश चंद्र त्रिपाठी को भी डीएफओ कार्यालय से संबद्ध किया गया है। वहीं, वन क्षेत्राधिकारी रनसाली आरपी जोशी को गौला रेंज का अतिरिक्त चार्ज देने की बात कही गई है।

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कपिल एक माह बाद होने वाले थे सेवानिवृत्त

भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे वन दरोगा कैलाश चंद्र कपिल को भी अगले माह सेवानिवृत्त होना है, लेकिन इससे पहले ही एक ऑडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबन की कार्रवाई झेलनी पड़ी है। कपिल वन विभाग के एक कर्मचारी यूनियन के नेता भी हैं।

प्रमोशन के बाद अवमुक्त होने थे रेंजर
डीएफओ नीतीशमणि त्रिपाठी द्वारा जारी आदेश में वन क्षेत्राधिकारी गणेश चंद्र त्रिपाठी को डीएफओ कार्यालय से संबद्ध किया है। करीब दो माह पूर्व ही गणेश चंद्र त्रिपाठी पदोन्नत होकर एसडीओ बने थे और उन्हें रानीखेत वन प्रभाग का चार्ज मिला था। कुछ दिन बाद ही उन्हें तराई पूर्वी वन प्रभाग से रेंजर के पद से अवमुक्त होना था। 

मुझे साजिशन फंसाया गया है। कुछ दिन पूर्व बिंदुखत्ता निवासी एक युवक ने उन्हें फोन कर उसके पास एक ऑडियो होने की बात कही और 20 लाख रुपये की मांग की। कुछ देर बाद युवक ने उन्हें एक ऑडियो भेजा, जिसमें उनकी आवाज को एडिट किया था। इस संबंध में वह युवक के घर भी बात करने पहुंचे, जहां उसने 12 लाख रुपये की डिमांड की। इसके बाद युवक ने उन्हें व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर 10 लाख रुपये की मांग की। मैंने रिश्वत मांगने वाले युवक के वाहन अवैध खनन में सीज किए हैं। इस कारण युवक ने मुझे झूठे आरोप में फंसाया है।
 -कैलाश चंद्र कपिल, वन दरोगा।
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