फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरिद्वार: वन विभाग की टीम ने पकड़ा 'खूनी' टस्कर, पूरी रात कवायद के बाद मिली सफलता

Sat, 24 Nov 2018 10:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 7
elephant - फोटो : अमर उजाला
आखिर कार वन विभाग की टीम ने आतंक का पर्याय बने खूनी टस्कर को पकड़ लिया। गुरुवार को पूरी रात कवायद करने के बाद शुक्रवार तड़के विभाग को सफलता मिली।
 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 7
elephant
चार दिन अभियान चलाने के बाद भी हाथी पकड़ में आया। हरनौल के घने जंगल में चले जाने के कारण हाथी को पकड़ना मुश्किल हो गया था।
विज्ञापन

3 of 7
elephant
भेल के सेक्टर एक में बुधवार 14 नवंबर को सुबह करीब पांच बजे भेलकर्मी को टस्कर हाथी ने पटककर मार डाला था। घटना के बाद भेल के साथ ही आसपास के लोगों में दहशत थी।

14 नवंबर को भेलकर्मी को टस्कर हाथी ने पटककर मार डाला था

4 of 7
elephant
शुक्रवार की सुबह  हरिद्वार में भेल मेटीरियल गेट के पास विभाग की टीम ने टस्कर को बेहाश कर पकड़ लिया।  बता दें कि टस्कर हाथी ने वन विभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों का दम निकाल दिया था।

 
विज्ञापन

5 of 7
elephant
टस्कर हाथी के खौफ के कारण भेल सेक्टर चार और सेक्टर एक के पीठ बाजार पर लगाए गए प्रतिबंध को भेल ने हटाया दिया है। भेल नगर प्रशासक संजय पंवार ने बताया कि राजाजी टाइगर रिजर्व के वार्डन से वार्ता हो गई है। लोगों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए पीठ बाजार लगाने पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया गया है। बृहस्पतिवार से पीठ बाजार लगना शुरू हो गया है।

 
विज्ञापन

6 of 7
elephant
कर्मचारी की मौत से गुस्साए भेलकर्मियों और स्थानीय लोगों ने वनप्रभाग कार्यालय पर जमकर हंगामा किया था। उन्होंने वन विभाग पर लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया था। स्थानीय लोगों ने जनहित में हाथी को गोली मारने या बेहोश करके किसी अन्य स्थान पर ले जाकर छोड़ने की मांग की  थी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
elephant
भेल कर्मचारी विरेंद्र सिंह (52) पुत्र निहाल सिंह मूल निवासी धामपुर, बिजनौर यहां भेल में क्रेन चालक थे। पत्नी मृदुला कुमारी बिजनौर में सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं, जबकि इकलौता बेटा कपिल देहरादून में पढ़ता है। विरेंद्र सिंह भेल के सेक्टर एक स्थित क्वार्टर में रहते थे। बुधवार सुबह करीब पांच बजे वे अपने बेटे के पास जाने के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि पैदल टहलते हुए जब वे आर्य समाज मंदिर की ओर जाने लगे तभी भेल में भटक रहे टस्कर ने उन्हें अपनी सूंड़ में फंसा लिया और पटककर मार डाला।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें