अमेरिका निवासी योगाचार्य रॉबर्ट मोसेस इन साधकों को दिन के आठ से नौ घंटे तक प्राणायाम व हठ योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। केरल से आए ऋषि चैतन्य साधकों को दक्षिण भारतीय पद्धति में हवन व पूजा करने का ज्ञान दे रहे हैं।
इसके तहत गणेश हवन, महामृत्युंजय हवन व सुदर्शन हवन के साथ ही देवी व गुरु पूजा का अभ्यास कराया जा रहा है। योगाचार्य पीयूष बलूनी ने बताया कि शिविर का उद्देश्य योग व भारतीय पूजा पद्धति को पूरी दुनिया में प्रचारित करना है।