उत्तराखंड में आज लोकतंत्र के महापर्व को देखने के लिए 13 सदस्यीय विदेशियों का प्रतिनिधिमंडल देहरादून पहुंचा। जिसमें बांग्लादेश और रूस सहित कई देशों के नागरिक शामिल हैं। जो विभिन्न विधान सभा क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया का अवलोकन करेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से कराये जाने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। मतदान में ईवीएम मशीन एवं पोस्टल बैलेट पेपर का प्रयोग किया जाता है।
ऐसे लोग जो राज्य से बाहर सेवाएं दे रहे हैं जैसे सैनिक आदि पोस्टल बैलेट के द्वारा अपना मतदान कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश की तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरादून से धर्मपुर, हरिद्वार से रानीपुर एवं ऊधमसिंह नगर में रुद्रपुर में वीवीपेट मशीन का उपयोग किये जाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।
इसके साथ वीडियो निगरानी टीम, उड़न दस्ते बनाए गए हैं, जिनके द्वारा मतदाताओं को प्रलोभन देने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। पर्यवेक्षक आरडी नजीम ने बताया कि देश में निर्वाचन को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष कराना एक बड़ी चुनौती है।
प्रत्येक प्रत्याशी द्वारा किये जा रहे व्यय पर नजर रखी जाती है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. वी षणमुगम, डा. नीरज खैरवाल संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवनीत पाण्डे सहित विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आए पर्यवेक्षक उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल में बांग्लादेश से तारीक अहमद, साईद गोलम, इजिप्ट से आदेल रमजी, किरगीज रिपब्लिक से उल मूर्जेव, नामिबिया से नोतेम्बा तिपूएजा, रूस से निकोले वी लेवीचिव आदि शामिल रहे।