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विदेशी दुल्हन ने देसी अंदाज में रचाई शादी

Tue, 24 Feb 2015 04:33 PM IST
रमेश जोशी/ अमर उजाला, अल्मोड़ा
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फ्रांस की दुल्हन ने उत्तराखंड के चितई स्थित गोलू मंदिर में पूरे देसी अंदाज में शादी रचाई।
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फ्रांस की दुल्हन चितई स्थित गोलू मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अल्मोड़ा के दूरस्थ गांव दशौला बडियाड़ निवासी दूल्हे संग सात फेरे लेकर उसकी जीवन साथी बन गई।

फ्रांस से आए दुल्हन के माता-पिता ने हिंदी का ज्ञान नहीं होने के बावजूद लहंगे-पिछौड़े में सजी ‘लाडली’ का हिंदू परंपरा से कन्यादान किया और अन्य सभी रस्मों को आस्था के साथ खुशी-खुशी निभाया। बेटी को विदा करने के बाद परिजन देर शाम दिल्ली लौट गए।
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भनोली के निकट दशौला बडियाड़ गांव निवासी दीवान सिंह के पुत्र मनीष बिष्ट गुड़गांव में स्वयं की एडवरटाइजिंग एजेंसी चलाते हैं। काम के सिलसिले में बहुराष्ट्रीय कंपनियों, कारपोरेट ऑफिसों के अलावा दिल्ली स्थित विभिन्न देशों के दूतावासों में उनका आना-जाना लगा रहता है।

करीब तीन साल पहले पांच सितारा होटल में हुई हाई प्रोफाइल मीटिंग में उनकी मुलाकात दिल्ली में फ्रांस के दूतावास में काम करने वाली गैली कैस्ट्रिक से हुई। उसके बाद मुलाकात का सिलसिला बढ़ा और दोनों अच्छे दोस्त बन गए। दोनों ने एक-दूसरे को जीवन साथी बनाने का निर्णय लिया।
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कुमांऊनी परंपरा से की शादी

गैली के बड़े भाई दिल्ली में प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर और भाभी हार्डवेयर इंजीनियर हैं। गैली और मनीष ने शादी की बात भाई-भाभी के माध्यम से फ्रांस में रहने वाले गैली के पिता जेन केस्ट्रिक और मां गैसेल को बताई।

दोनों ने इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। मनीष के फुफेरे भाई राजू बिष्ट ने बताया कि केस्ट्रिक परिवार भारतीय रीति-रिवाजों से काफी प्रभावित है और भाई मनीष भी कुमांऊनी परंपरा से शादी करना चाहते थे। गांव में पंडित जी से शादी का मुहूर्त निकलवाने के बाद शादी के कार्ड छपवाए गए।

इस शादी में दुल्हन के माता-पिता, भाई-भाभी समेत एक दर्जन से अधिक विदेशी मेहमान चितई पहुंचे। दूल्हा मनीष गांव से बारात लेकर सोमवार को चितई पहुंचा। यहां पूरे रीति-रिवाज से शादी हुई। दुल्हन के पिता ने धुलिअर्घ्य में पंडित जी और वर के पांव धोने के साथ ही कन्यादान आदि रस्में संपन्न की।

 विदेशी दुल्हन ने शरमाते हुए अग्नि को साक्षी मानकर मनीष के साथ सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया। विदेशी दुल्हन और गांव के दूल्हे की बारात में दोनों पक्षों के शामिल लोगों में भी खूब उत्सुकता रही।
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