फ्रांस की दुल्हन ने उत्तराखंड के चितई स्थित गोलू मंदिर में पूरे देसी अंदाज में शादी रचाई।
फ्रांस की दुल्हन चितई स्थित गोलू मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अल्मोड़ा के दूरस्थ गांव दशौला बडियाड़ निवासी दूल्हे संग सात फेरे लेकर उसकी जीवन साथी बन गई।
फ्रांस से आए दुल्हन के माता-पिता ने हिंदी का ज्ञान नहीं होने के बावजूद लहंगे-पिछौड़े में सजी ‘लाडली’ का हिंदू परंपरा से कन्यादान किया और अन्य सभी रस्मों को आस्था के साथ खुशी-खुशी निभाया। बेटी को विदा करने के बाद परिजन देर शाम दिल्ली लौट गए।
भनोली के निकट दशौला बडियाड़ गांव निवासी दीवान सिंह के पुत्र मनीष बिष्ट गुड़गांव में स्वयं की एडवरटाइजिंग एजेंसी चलाते हैं। काम के सिलसिले में बहुराष्ट्रीय कंपनियों, कारपोरेट ऑफिसों के अलावा दिल्ली स्थित विभिन्न देशों के दूतावासों में उनका आना-जाना लगा रहता है।
करीब तीन साल पहले पांच सितारा होटल में हुई हाई प्रोफाइल मीटिंग में उनकी मुलाकात दिल्ली में फ्रांस के दूतावास में काम करने वाली गैली कैस्ट्रिक से हुई। उसके बाद मुलाकात का सिलसिला बढ़ा और दोनों अच्छे दोस्त बन गए। दोनों ने एक-दूसरे को जीवन साथी बनाने का निर्णय लिया।