सुधीर ने बताया कि हमारे यहां तो हर चीज में राजनीति आड़े आ जाती है, जबकि चीन का नागरिक अपने देश के लिए सोचता है और उसी के अनुरूप कार्य करता है। चीन की तरह सख्त चेकिंग व्यवस्था हमारे देश में भी होनी चाहिए। विदेशों से यात्री कब आ रहे हैं, कब जा रहे हैं, इसका पूरा हिसाब रखा जाता है।
भारतीय सीमा पर नाभीढांग से ऊपर रोड कटान चल रहा है, लेकिन इसकी गति इतनी धीमी है कि अगले कई वर्षों में भी इसका पूरा हो पाना संभव नजर नहीं आता है। उन्होंने कहा कि यदि चीन जैसी फुर्ती से हमारे देश में भी कार्य हो तो कोई क्षेत्र पिछड़ा नजर नहीं आएगा।
केएमवीएन, आईटीबीपी का जताया आभार
कैलाश यात्रा से लौटे यात्रियों ने केएमवीएन और आईटीबीपी का आभार जताया। यात्री सुधीर वर्मा और उनकी पत्नी सुनीता वर्मा ने कहा कि केएमवीएन की व्यवस्थाओं से उन्हें नहीं लगा कि वह अपने घर से दूर हैं। कहा कि जितनी सुविधा मिल रही थी इतनी तो घर पर भी नहीं मिलती हैं।