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नई पहल: घुड़सवारी में पहली बार करतब दिखाएंगी उत्तराखंड महिला पुलिसकर्मी, इस बार की प्रतियोगिता होगी खास

Mon, 09 Dec 2024 05:31 PM IST
देहरादून ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

हर साल राज्य स्थापना दिवस पर घुड़सवारों की यह टुकड़ी आकर्षण का केंद्र बनती है। यही नहीं ऑल इंडिया घुड़सवार प्रतियोगिता में भी पुरुष दल को ही भेजा जाता है। लेकिन, इस बार आयोजन कुछ अलग होगाहर साल राज्य स्थापना दिवस पर घुड़सवारों की यह टुकड़ी आकर्षण का केंद्र बनती है।
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प्रतीकात्मक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ऑल इंडिया पुलिस घुड़सवार प्रतियोगिता में पहली बार उत्तराखंड की चार महिला पुलिसकर्मी करतब करती दिखाई देंगी। प्रतियोगिता का आयोजन राष्ट्रीय खेलों के साथ-साथ इस बार मार्च में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में किया जाएगा। महिला घुड़सवारों को देहरादून पुलिसलाइन में प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके लिए पुलिस के साथ-साथ निजी कोच को भी तैनात किया गया है।

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दरअसल, पुलिस के घुड़सवार दल में पुरुष पुलिसकर्मी ही शामिल होते हैं। हर साल राज्य स्थापना दिवस पर घुड़सवारों की यह टुकड़ी आकर्षण का केंद्र बनती है। यही नहीं ऑल इंडिया घुड़सवार प्रतियोगिता में भी पुरुष दल को ही भेजा जाता है। लेकिन, इस बार आयोजन कुछ अलग होगा। इस बार उत्तराखंड की ओर से चार महिला घुड़सवार भी इस प्रतियोगिता में शामिल की जाएंगी।

पुलिस सिपाही प्रियंका चौधरी, नेहा डबराल, विनिता और दिव्या को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रतियोगिता के लिए पुलिस के कुल 15 घुड़सवारों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके लिए घुड़सवारी के कोच के तौर पर फिलहाल पूर्व सैन्यकर्मी को तैनात किया गया है।
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इसके अलावा भी यहां पर और कोच तैनात किए जाएंगे। प्रतियोगिता मार्च में होनी है। लिहाजा अभी पुलिस की इन घुड़सवारों के पास अच्छा-खासा चार माह का समय है। अधिकारी मानते हैं कि तब तक ये चारों सिपाही घुड़सवारी में पारंगत हो जाएंगी और अपनी क्षमताओं का लोहा मनवाएंगी।

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21 घोड़े हैं दून पुलिस के अस्तबल में
देहरादून पुलिस के पास इस समय 21 घोड़े हैं। इनमें हाल ही में छह घोड़े नए शामिल किए गए हैं। पिछले दिनों पुलिस कप्तान ने भी अस्तबल का दौरा कर इन घोड़ों के बेहतर रख-रखाव के निर्देश दिए थे। घोड़ों के इस दल में सबसे कुशल घोड़ा देवा को माना जाता है। इसी पर हर साल परेड में मुख्य कमांडर सवार होते हैं। सर्दियों में घोड़ों के खानपान का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

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घुड़सवार प्रतियोगिता में इस बार नई पहल की गई है। चार महिला पुलिसकर्मियों को भी घुड़सवारी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए निजी कोच भी तैनात किए जाएंगे। फिलहाल एक पूर्व सैन्यकर्मी को कोच के रूप में शामिल किया गया है। पुलिस के अपने कुशल घुड़सवार भी इस प्रशिक्षण को जारी रखे हुए हैं।  -एडीजी अमित सिन्हा, विशेष प्रमुख सचिव खेल
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