- 30 क्रू स्टेशन और सौ से अधिक फायर वॉचर की रहेगी नजर
- वन पंचायतों को भी फायर किट उपलब्ध कराने की तैयारी
कुंवर जावेद
विकासनगर। गर्मी की शुरुआत के साथ ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। इसे देखते हुए चकराता वन प्रभाग अलर्ट मोड में आ गया है। जंगलों को आग से बचाने के लिए विभाग इस बार नई तैयारियों के साथ मैदान में है, जहां कर्मचारी पहली बार अग्नि सुरक्षा सूट पहनकर आग बुझाते नजर आएंगे, वहीं वन पंचायतों को भी अग्नि सुरक्षा किट देने की तैयारी की जा रही है।
इस बार सर्दी के मौसम में बारिश और बर्फबारी बेहद कम होने से जंगलों में आग की घटनाओं के बढ़ने की आशंका है। फरवरी के अंतिम व मार्च के पहले सप्ताह में चकराता वन प्रभाग के कई स्थानों पर आग लगने की घटनाएं सामने आने से विभाग तैयारियों में जुट गया है। घटनाओं पर नजर रखने के लिए वन क्षेत्र में 30 क्रू स्टेशन बनाए हैं जबकि फायर वॉचर के रूप में 100 लोगों को लगाया गया है। इसके अलावा फॉरेस्ट फायर उत्तराखंड एप और वॉयरलेस के माध्यम से भी आग लगने की जानकारी जुटाने व सूचना तत्काल प्रसारित करने की रणनीति तैयार की गई है। वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को अग्नि सुरक्षा किट प्रदान करने की तैयारी की जा रही है।
अग्नि सुरक्षा सूट में नजर आएंगे वन कर्मी
वन संपदा को आग से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए इस बार वन कर्मियों को अग्नि सुरक्षा सूट प्रदान किए जाएंगे। बताते चलें कि विश्व बैंक की योजना से वन विभाग को अग्नि सुरक्षा सूट प्रदान किए गए हैं। चकराता डीएफओ वैभव कुमार ने बताया अग्नि सुरक्षा सूट के उपयोग से आग के नुकसान को 30 से 40 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
वर्जन-
चकराता वन प्रभाग का आरक्षित वन क्षेत्र सिविल क्षेत्र से सटा है इसलिए जगह-जगह विभिन्न विभागों के साथ संयुक्त मॉकड्रिल की गई हैं। इसके अलावा विभागीय स्तर से आग से पहले के उपायों व अन्य व्यवस्थाओं पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। -वैभव कुमार, डीएफओ चकराता।