इस पर कालोनी के लोग अर्नव की तलाश कर रहे थे। इसी बीच किसी ने कॉलोनी में रहने वाले उसके मौसेरे चाचा को कंधे पर लादकर प्लास्टिक का एक बोरा ले जाते देखा। शक होने पर अर्नव के ताऊ लोकेश, जयपाल व अमित कुमार आदि ने आबादी से कुछ मीटर दूर नाले में जाकर देखा तो वहां प्लास्टिक का बोरा पड़ा था। मासूम का आधा शव बोरे से बाहर निकला हुआ था।
सूचना पर आईटीआई थाना प्रभारी कुलदीप सिंह, एसआई मनोज देव पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। शव को नाले से बाहर निकाला तो अर्नव की गर्दन पर नाखून के गहरे निशान पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मासूम की हत्या गला दबाकर की गई थी।
मृतक के पिता योगेश ने आईटीआई थाने में तहरीर देकर कहा कि उसके मौसेरे भाई की उसकी पत्नी पर गलत नजर थी। वह उसकी पत्नी का अपहरण करना चाहता था। उसने अपने बेटे का हवाला देकर पत्नी का पीछा छोड़ने की बात कही तो उसने बेटे को ही रास्ते से हटा दिया। पुलिस ने मौसेरे भाई के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है। हत्यारोपी नाबालिग बताया जा रहा है।