-कार्मिक विभाग ने सभी प्रमुख सचिव, विभागाध्यक्षों को भेजा पत्र
-हाईकोर्ट के आदेश के तहत कार्मिक, न्याय और वित्त विभाग की अनुमति जरूरी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश में जिन विभागों के जिन पदों पर उपनल कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं, उनके सापेक्ष भर्ती का प्रस्ताव बनाने से पहले कार्मिक, न्याय और वित्त विभाग की अनुमति अनिवार्य होगी।
अपर सचिव कार्मिक एवं सर्तकता गिरधारी सिंह रावत ने उपनल के माध्यम से कार्ययोजित किए जाने वाले कर्मियों के सापेक्ष सीधी भर्ती के रिक्त पदों के प्रस्ताव भेजने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों, मंडलायुक्तों, विभागाध्यक्षों एवं जिलाकारियों को भेजे पत्र में सीधी भर्ती के ऐसे पदों के बारे में बात की है, जिनके सापेक्ष सैनिक कल्याण विभाग के शासनादेश के तहत उपनलकर्मियों को रखा जाएगा। उन पदों के सापेक्ष सीधी भर्ती के रिक्त पदों के समस्त प्रस्ताव संबंधित आयोग को भेजने से पहले कार्मिक विभाग, न्याय विभाग और वित्त विभाग की पूर्वानुमति अनिवार्य होगी। उन्होंने सभी विभागों से अपेक्षा की है कि उक्त व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। बिना आवश्यक पूर्वानुमति के किसी भी प्रकार का भर्ती प्रस्ताव अग्रसारित न किया जाए।