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Uttarakhand: फुटबॉल नेशनल चैंपियनशिप...खिलाड़ियों के सामने खेलने के लिए ‘घास और कीचड़’ को पार करने की चुनौती

Fri, 12 Jul 2024 11:31 AM IST
रेनू सकलानी करन सिंह दयाल, संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

सार

उत्तराखंड टीम में चयन के लिए हुए ट्रायल में खिलाड़ियों को घास और कीचड़ के बीच खेलना पड़ा। दो दिवसीय ट्रायल के लिए पहले दिन प्रदेश भर से बालिकाएं दून पहुंची हैं।
 
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फुटबॉल खेलती बालिकाएं। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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उत्तराखंड टीम के चयन के लिए हुए ट्रायल में खिलाड़ियों को घास और कीचड़ के बीच खेलना पड़ा। इसकी वजह से खिलाड़ियों को शॉट लगाने और गेंद लेकर भागने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह हाल पूरे दिन देखने को मिला।

दरअसल ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन की ओर से जूनियर बालिकाओं की फुटबाल नेशनल चैंपियनशिप का आयोजन किया जाना है। ऐसे में इस प्रतियोगिता के लिए पहली बार दून के पवेलियन मैदान में ट्रायल आयोजित किए गए। दो दिवसीय ट्रायल के लिए पहले दिन प्रदेश भर से बालिकाएं दून पहुंची।

अमर उजाला की टीम ने बृहस्पतिवार को मैदान का जायजा लिया तो पूरे मैदान में कुछ एक जगहों को छोड़ कीचड़ और घास देखने को मिली। इस बीच खिलाड़ियों को बाल पास करने में मशक्कत करनी पड़ी। 

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खिलाड़ियों ने शॉट लगाए कम, गिरे ज्यादा

मैदान में कीचड़ और घास होने की वजह से खिलाड़ी शॉट लगाते हुए कम और गिरते हुए ज्यादा दिखे। आलम यह रहा कि एक मिनट में तीन खिलाड़ी पांच बार गिरते नजर आए। इस दौरान कई खिलाड़ी चोटिल भी हुए।

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रुद्रपुर का मैदान है अच्छा

खिलाड़ियों ने बताया, यह ट्रायल आज से पहले रुद्रपुर के मैदान में आयोजित किए जाते थे। लेकिन इस बार बालिका टीम के चयन के लिए ट्रायल पवेलियन में कराए गए। पवेलियन मैदान की तुलना में रुद्रपुर का मैदान बेहतर है।

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एक महीने पहले ही मैदान में मिट्टी डाली गई थी। लेकिन उसके बाद से ही मैदान में लगातार टूर्नामेंट चल रहे हैं। घास कटाई का काम इसलिए नहीं किया जा रहा है क्योंकि आजकल बरसात है। बारिश के दिनों घास कटाई के दौरान करंट लगने से दुर्घटना होने की आशंका है। मरम्मत के लिए 15-20 दिन तक मैदान को बंद रखना होगा। जल्द ही इसे ठीक करा लिया जाएगा। - निधि बिंजोला, प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी

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