राज्य में फुटबाल की खराब हालत के लिए उत्तराखंड फुटबाल रेफरी एसोसिएशन ने स्टेट फुटबाल एसोसिएशन को जिम्मेदार ठहराया है। इस संबंध में उन्होंने खेल मंत्री को 16 सूत्री शिकायत पत्र भेजा है।
हालत यह है कि राज्य में न तो स्टेट लीग हो पाई और न ही वार्षिक कलेंडर जारी हुआ। जिला और स्टेट फुटबाल एसोसिएशन के बीच मतभेद लगातार बढ़ रहा है।
खेल मंत्री को भेजे पत्र में रेफरी एसोसिएशन के सचिव वीएस रावत ने बताया कि आल इंडिया फुटबाल फेडरेशन (एआईएफएफ) के अनुसार सरकारी कर्मचारी एसोसिएशन नहीं चला सकता, लेकिन इस एसोसिएशन में सचिव खेल विभाग का व्यक्ति है।
हर जिले में कम से कम 6 क्लबों की लीग होनी चाहिए, जो आज तक नहीं पाई। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए कैंप नहीं लगाए जाते हैं। गुपचुप टीम बनाकर भेज दी जाती है।
न कोच के लिए सेमीनार होता है और न रेफरी के लिए। यहां तक कि एआईएफएफ में रजिस्टर्ड नहीं हुए कोच को टीम के साथ भेज दिया जाता है। उन्होंने खेल मंत्री से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।