दून में चल रहे सांस्कृतिक महोत्सव विरासत में सोमवार शाम उत्तर भारत के लोक कला की सतरंगी बयार बही तो दर्शक झूम उठे। पाश्चात्य नृत्य की दीवानी युवा पीढ़ी भी लोक नृत्यों की प्रस्तुति पर जमकर थिरके। देर शाम प्रसिद्ध ठुमरी गायिका डा. कुमुद दीवान ने अपनी दिलकश आवाज से शमा बांध दिया।
कौलागढ़ स्थित अंबेडकर मैदान में सोमवार शाम विरासत की शुरुआत नॉर्थ इंडिया फोक लाइफ से हुई। नॉर्थ जोन कला मंच के कलाकारों ने पंजाबी, छाऊ, लुड्डी, चोलम, मयूर नृत्य की खूबसूरत प्रस्तुति दी।
जिमनास्टिक शैली के नृत्य का शानदार प्रदर्शन
सबसे पहले यूपी के मयूर नृत्य की प्रस्तुति हुई, जिसके बाद मणिपुरी लोकनृत्य ने शमा बांध दिया। सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना झारखंड का छाऊ नृत्य। मुखौटों और रंगीन पोशाखों में सजे कलाकारों ने जिमनास्टिक शैली के नृत्य का शानदार प्रदर्शन किया।
उत्तर भारतीय राज्यों के नृत्य प्रस्तुत किए
इस दौरान करीब 8 कलाकारों ने महाभारत युद्ध के समय चक्रव्यूह में फंसे अभिमन्यु और कौरवों द्वारा उसके वध की नृत्य नाटिका प्रस्तुत की।
साथ ही हरियाणी लोक नृत्य, पंजाबी आदि अन्य उत्तर भारतीय राज्यों के नृत्य प्रस्तुत किए गए। इसके बाद ठुमरी गायिका डा. कुमुद दीवान ने अपनी मीठी और दिलकश आवाज में ठुमरी गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशाल कृष्णा ने कथक नृत्य की प्रस्तुति दी।
छाऊ नृत्य के दीवाने हुए युवा
विरासत में नॉर्थ इंडिया फोक लाइफ में आयोजित छाऊ लोक नृत्य को सबसे अधिक युवाओं ने पसंद किया। छाऊ नृत्य की शुरुआत के साथ ही पूरा पंडाल दर्शकों से खचाखच भर गया। सबसे अधिक संख्या युवाओं की थी।
नृत्य के हर स्टेप ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। हाल यह रहा कि छाऊ नृत्य के खत्म होने के बाद पंडाल से युवा बाहर निकल गए, जबकि हरियाणवी, पंजाबी डांस भी चल रहे थे।