तीर्थ नगरी हरिद्वार में कोहरे की धुंध के चलते शुक्रवार को पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। धूप न निकलने से पहाड़ों में उठ रही बर्फीली हवाओं ने सुन्न करके रख दिया।
हवाओं ने छुड़ा दी कंपकंपी
लोग घरों के कैद होकर रह गए। बाजार, पार्क, गंगा के घाट सभी सूने पड़े रहे। ठंड से बचने को लोगों ने आग का सहारा लिया। सबसे बड़ी परेशानी बेघर लोगों को हुई।
कोहरे एवं ठंड के शुक्रवार का दिन अभी तक के सर्द मौसम का सबसे ठंडा दिन रहा। कोहरे के चलते धूप न निकलने से सर्द हवाओं ने कंपकंपी छुड़ा दी। लगातार पड़ रही ठंड से सभी वर्ग के लोग कराह उठे।
हर कोई व्यक्ति ठंड को लेकर चर्चा करता रहा। नगर निगम की ओर से अलाव जलाए गए, लेकिन दुकानों के सामने लोगों ने कागज एवं अन्य सामान जलाकर ठंड से बचने का प्रयास किया।
सूर्यदेव के दर्शन न होने के चलते हुए दिन का अधिकतम तामपान 12.0 डिग्री, न्यूनतम 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जोकि मंगलवार के मुकाबले में 0.2 डिग्री कम दर्ज किया गया। आईआईटी रुड़की के मौसम वैज्ञानिक प्रो. एसके त्रिपाठी का कहना है कि मौसम में अभी किसी तरह का बदलाव संभव नहीं है।