जिला मुख्यालय पौड़ी में मातृशक्ति ने ठानी तो शहर की फिजा में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। महिलाओं की मेहनत से ऐसे स्थान पर फुलवारी खिल उठी है। जहां कूड़ा पसरा रहता था और झाड़िया उगी रहती थी। वहां कोई नहीं जाना चाहता था, लेकिन अब वहां हरकोई जा रहा है।
मातृशक्ति की मेहनत को विधायक पौड़ी सम्मान से नवाज चुके हैं। गौ आयोग के अध्यक्ष, महिला आयोग की अध्यक्ष, डीएम पौड़ी शहर में हुए इस परिवर्तन की जमकर सराहना करने के साथ ही हर संभव मदद का भरोसा दे चुके हैं।
राज्य आंदोलनकारी बीरा भंडारी के नेतृत्व में कुछ महिलाओं ने संगठित होकर पांच माह पूर्व पौड़ी शहर के विभिन्न जगहों में उगी झाड़ियों को काटने का बीड़ा उठाया था। शहर में जगह-जगह फैली झाड़ियों के चलते गुलदार आसानी से उनमें छुप रहा था। जिससे शहर में दशशत का माहौल बन गया था।
झाड़ियों को काटने के बीड़ा उठाया
इसके बाद राज्य आंदोलनकारी बीरा भंडारी, निकिता, रजनी नेगी, मंजू, साधना, हर्षी रावत, रेवती रावत, बीना असवाल, अंजली बिष्ट, दुर्गा, रेखा, बबीता पटवाल आदि महिलाओं ने संगठित होकर शहर में जगह-जगह उगी झाड़ियों को काटने के बीड़ा उठाया। इन महिलाओं ने बिना किसी सरकारी मदद के श्रमदान से हर रोज झाड़ियों को काटने का कार्य शुरू किया।
फिर ऐसे स्थानों में गेंदे आदि के फूल लगाने शुरू किए। आज इन महिलाओं की मेहनत रंग लाई। जिला अस्पताल के समीप, टीआरएच के समीप सहित अन्य स्थानों पर फूल खिल उठे हैं। महिलाओं की इस पहल पर विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी बीते 23 अक्तूबर को को पुष्टवाटिका बनाने वाली महिलाओं को सम्मानित कर चुके हैं।
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गौ आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अणथ्वाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल व डीएम पौड़ी डा. आशीष चौहान महिलाओं की मेहनत से खिली फुलवारियों का निरीक्षण कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दे चुके हैं।