वसंतोत्सव की शुरुआत के साथ ही देहरादून का राजभवन रंग-बिरंगे फूलों से खिल उठा।
पुष्प प्रदर्शनी में दुर्लभ प्रजातियों के फूलों को देखने बड़ी संख्या में दूनवासी पहुंचे। शनिवार को राजभवन में राज्यपाल डा. केके पॉल ने दो दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कहा कि उत्तराखंड में पुष्प उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं।
फूलों के व्यावसायिक दोहन के लिए किसानों को जरूरी सुविधाएं दी जानी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि पुष्प प्रदर्शनी में हिमाचल जैसे निकटतम राज्य को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए। इससे व्यावसायिक स्पर्धा बढे़गी और पुष्प उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा।
उद्यान मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि भविष्य में अन्य राज्यों को भी बुलाया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य सचिव एन रविशंकर, सचिव राज्यपाल अरुण ढौंढियाल, सचिव उद्यान डा. निधि पांडे, चीफ पोस्टमास्टर जनरल उदय कृष्ण आदि मौजूद रहे।
प्रदर्शनी सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। शाम पांच बजे पुरस्कार वितरण के बाद लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुति किए जाएंगे।
राज्यपाल के डाक टिकट भाए
वसंतोत्सव में पहली बार डाक विभाग की ओर से डाक टिकटों की प्रदर्शनी लगाई गई। राज्यपाल डा. केके पॉल के निजी टिकट संग्रह में से दो हजार डाक टिकटों को भी प्रदर्शित किया गया।
इनमें 1976 का नेपाल का तीन पैसे का डाक टिकट, भूटान का 1974 का टिकट, प्रसिद्ध अभिनेत्रियों देविका रानी, नूतन, कानन देवी, सावित्री, मीरा कुमारी, लीला नायडू, उद्योगपति रतन टाटा आदि के टिकट थे। टिकटों में दून भी नजर आया। वर्ष 2010 में जारी हुआ पांच रुपये का द दून स्कूल का टिकट, कैंपटी फाल मसूरी, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी का टिकट आकर्षण का केंद्र रहे।
योग, जूडो, लोकनृत्यों ने मोहा
चित्रकला प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के लगभग पांच सौ बच्चों ने प्रतिभाग किया। पर्यटन विभाग की और से योग कला का प्रदर्शन और आईटीबीपी जवानों ने जूडो कराटे का प्रदर्शन किया। सीमांत क्षेत्र गुंजी के लोककलाकारों ने होली से संबंधित लोकगीत और नृत्य प्रस्तुत किए गए। कुमाऊं का छोलिया नृत्य भी आकर्षण रहा।
स्वाइन फ्लू से बचाता है तेल
पुष्प प्रदर्शनी में सगंध पादप केंद्र सेलाकुई की ओर से स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए तुलसी सहित विभिन्न सगंध पादपों के तेल रखा गया। प्रभारी वैज्ञानिक नृपेंद्र चौहान के मुताबिक सगंध पादपों का तेल स्वाइन फ्लू से बचाव में फायदेमंद हैं। यह 70 फीसदी तक लाभकारी है।