उत्तराखंड के चमोली जिले में एक पखवाड़े से रुक-रुककर हो रही बारिश से चीन से भारत आने वाली नदी होतीगाड ने तबाही मचा दी।
होतीगाड नदी का रुख मुड़ गया। इस कारण चीन सीमा को जोड़ने वाला जोशीमठ-मलारी-सुमना मोटर मार्ग कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया। मार्ग क्षतिग्रस्त होने से प्रशासन की टीम चीन सीमा की रेकी के लिए नहीं जा सकी। सीमा क्षेत्र में मुस्तैद आईटीबीपी के जवानों को पहुंचाए जाने वाली रसद भी मलारी कैंप में पड़ी है।
चीन से नो मैंट लैंड (मानव रहित भूमि) बाड़ाहोती क्षेत्र से होकर बहने वाली होतीगाड नदी का जलस्तर बारिश के कारण काफी बढ़ गया है। नदी का रुख सुमना सड़क की ओर हो जाने के कारण करीब 12 किमी सड़क तहस-नहस हो गई है। क्षतिग्रस्त सड़क के बीच सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की एक जेसीबी मशीन भी फंसी हुई है।
सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण चीन सीमा क्षेत्र की रेकी के लिए गई चमोली जिला प्रशासन की 16 सदस्यीय टीम सुमना से आगे नहीं जा पाई और मंगलवार को लौट आई। टीम के एक सदस्य ने बताया कि वे 25 जून को चीन सीमा क्षेत्र की रेकी के लिए गए थे, लेकिन मलारी से एक किमी दूर 16 प्वाइंट से आगे सुमना तक करीब 12 किमी सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त पड़ी है।
टीम आईटीबीपी के कैंपों तक भी नहीं जा पाई। उन्होंने बताया कि सीमा पर मुस्तैद आईटीबीपी के अधिकारी और सैनिक निचले क्षेत्रों में नहीं लौट पा रहे हैं। डीएम अशोक कुमार का कहना है कि मलारी-सुमना मार्ग को खुलवाने के लिए सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों को बता दिया गया है। मौसम साफ होने पर शीघ्र सड़क खुलवा दी जाएगी।