जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर नवनिर्मित एप्रैन के एक हिस्से का उपयोग शुरू कर दिया गया है। बुधवार को एयरपोर्ट पर पहली फ्लाईट के पहुंचने पर वाटर कैनन सलामी दी गई। अब पुराने हिस्से में नया निर्माण हो सकेगा।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट को विस्तार देने के लिए निर्माण कार्य हो रहा है। विस्तार के लिए कुछ भाग की जरूरत को देखते हुऐ बुुधवार को नए एप्रैन पर विमानों को लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। इसे एयरपोर्ट के लिए उपलब्धि से जोड़ा जा रहा है। सुबह यात्रियों को लेकर सबसे पहली फ्लाईट का स्वागत करने के साथ वाटर कैनन सलामी दी गई।
फ्लाइट के ऊपर काफी देर तक पानी की धार से सलामी दी गई। अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल रहा। गौरतलब है कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट विस्तारिकरण से विमान पार्किंग क्षमता को बढ़ाने पर करने पर काम चल रहा है। टर्मिनल निर्माण क्षमता 150 यात्री से बढ़ाकर 1800 से की जा रही है।
विमानों की आवाजाही नए एप्रैन से शुरू कराने के साथ शेष हिस्सा निर्माण कार्य के लिए दिया गया है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट निदेशक डीके गौतम ने बताया कि नए एप्रैन के पास नवनिर्मित ग्राउंड सेफ्टी इक्यूपमेंट भी है। बताया कि विस्तारित एप्रैन का लगभग 72 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। उम्मीद है कि शेष काम मार्च 2020 तक पूरा कर लिया जाए।