नियमानुसार पुलिस ने इस सूची की गहनता से जांच शुरू की। हर्षिल थानाध्यक्ष दीपक रावत ने बताया कि जांच सामने आया कि पांच नेपाली मजदूर जो धराली में लापता बताए जा रहे थे वे वास्तव में 9 अगस्त को पौड़ी के थलीसैंण के कबाकुडा गांव में बादल फटने से आई एक अन्य आपदा में लापता हुए थे लेकिन परिजनों और नेपाली दूतावास ने गलती से इनके नाम धराली आपदा में लापता लोगों की सूची में भी भेज दिए थे।
रावत ने बताया कि पौड़ी में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक लापता मजदूर का हाथ मिला था जिसके आधार पर उसके परिजन उसके पार्थिव अवशेष को लेकर अपने देश लौट गए थे। इस जानकारी के बाद धराली आपदा में लापता लोगों की कुल संख्या में से इन पांच नामों को हटा दिया गया है जिससे यह संख्या अब 62 हो गई है।