हर साल गर्मी के मौसम में देश-दुनिया से लाखों सैलानी पहाड़ों की रानी की सैर करने पहुंचते हैं, लेकिन दून से मसूरी पहुंचने के इकलौते रास्ते पर जाम उनके अरमानों को तोड़ देता है।
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घंटों मुसीबत झेलने के बाद कई पर्यटक आधे रास्ते से लौट जाते हैं। सैलानियों को इस मुसीबत और मसूरी के एकमात्र मार्ग राजपुर रोड को वाहनों के दबाव से पांच वैकल्पिक रास्ते निजात दिला सकते हैं।
इन पांचों सड़कों के निर्माण पर वन विभाग का पेच अटका है। लोनिवि प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता यूएस रावत कहते हैं कि विभाग ने वन विभाग की आपत्तियों के जवाब भेजे हैं। वन विभाग के अगले कदम पर आगे की कार्रवाई हो सकेगी।
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ये हैं प्रस्तावित मार्ग
सेलाकुई-भाऊवाला-हाथीपांव-मसूरी मार्ग: कुल लंबाई- 40.983 किलोमीटर
अंबाला-पांवटा साहिब-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग 72 पर सेलाकुई से भाऊवाला, डूंगा, थानगांव, जसखेत, पंदेई, हाथीपांव होते हुए मसूरी तक वैकल्पिक मार्ग का प्रस्ताव है।
सेलाकुई से डूंगा तक 13.50 किमी लंबी सड़क पर एसडीबीसी सतह का सात मीटर चौड़ा पक्का निर्माण है। क्लाउड एंड से दूधली तक दो किमी मार्ग भी तैयार है।
डूंगा चौक से हाथीपांव तक 27.50 किमी सड़क फरवरी 2004 में प्रस्तावित है। यहां कुल 25.483 किमी नई सड़क बनाई जानी है।
छरबा-होरावाला- दूधली-हाथीपांव-मसूरी मार्ग
छरबा-होरावाला- दूधली-हाथीपांव-मसूरी मार्ग कुल लंबाई- 48.50 किलोमीटर
अंबाला-पौंटा साहिब-देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग 72 में छरबा से होरावाला, नाहड़, कोटी, दूधली, हाथीपांव होते हुए मसूरी के लिए मार्ग प्रस्तावित है।
छरबा से नाहड़ तक 16 किमी सड़क पर एसडीबीसी सतह का 5.50 मीटर चौड़ाई का मार्ग बना हुआ है। ग्राम नाहड़ से कोटी की 2.50 किमी सड़क पीएमजीएसवाई से बनी हुई है।
कोटी से दूधली तक 18 किमी सड़क मार्च 2006 में स्वीकृत हुई थी, जबकि हाथीपांव-क्लाउड एंड दूधली होते हुए बुलाट तक मोटरमार्ग अगस्त 2005 में स्वीकृत हुआ था।
सहस्रधारा-चामासारी-मसूरी मार्ग कुल लंबाई- 27 किलोमीटर देहरादून से सहस्रधारा होते हुए ग्राम बगड़ाधोरण, महंत की चौकी से चामासारी तक 22 किलोमीटर लंबा मार्ग बना हुआ है।
इसका 15 किमी हिस्सा पक्का, बाकी कच्चा है। इससे आगे मसूरी तक सड़क जोड़ने के लिए सात किमी सड़क प्रस्तावित है।
सहस्रधारा-क्यारा-सुआखोली-मसूरी मार्ग कुल लंबाई- 46 किलोमीटर
सहस्रधारा चौक से क्यारा होते हुए कार्डीधार तक मार्ग बना हुआ है। क्यारा तक 15 किमी मार्ग पेंटेड है और कार्डीधार तक चार किमी सड़क यातायात के लिए खुली है।
इससे आगे पांच किमी सड़क फरवरी 2009 में स्वीकृत है, जिसका मामला वन विभाग में फंसा हुआ है। सरोना-सुआखोली का 12 किमी मार्ग भी बना है, सुआखोली से मसूरी 10 किमी है।
क्यारा से सुआखोली तक 18 किमी मार्ग पक्का होने पर यह मसूरी से जुड़ जाएगा और सरोना से देहरादून की दूरी मात्र 20 किमी रह जाएगी।
यह रास्ता जल्द होगा तैयार लंबीधार-किमाड़ी-हाथीपांव-मसूरी मार्ग कुल लंबाई-34 किलोमीटर
दून कैंट सप्लाई डिपो से गल्जवाड़ी, रिखोली, किमाड़ी, भितरली होते हुए यह रोड मसूरी में कार्ट मैकेंजी मार्ग पर जुड़ेगी। मार्ग की लंबाई 25 किमी है, जबकि दिलाराम बाजार से यह दूरी 34 किमी है।
सड़क पर कैंट सप्लाई से किमाड़ी तक पुनर्निर्माण और सुधारीकरण चल रहा है।
किमाड़ी-कार्ट मैकेंजी मार्ग में हॉट मिक्स करने के लिए 884.69 लाख रुपए की स्वीकृति होने के बाद काम चल रहा है। यह मार्ग जल्द तैयार होने की उम्मीद है।