कालेज व विश्वविद्यालयों में होने वाली रैगिंग से बचाव की जागरुकता पर श्रेष्ठ फिल्म बनाने वालों पांच लाख रुपये का ईनाम मिलेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) ने ‘नेशनल यूनिवर्सिटी फिल्म मेकिंग काम्पिटीशन’ शुरू किया है। इसके तहत देश के किसी भी विवि या कालेज के छात्र रैगिंग पर फिल्म बनाकर अपने संस्थान के माध्यम से यूजीसी को भेज सकते हैं।
कैंपस में रैगिंग को लेकर यूजीसी ने बेहद सख्त नियम बनाए हुए हैं। इन नियमों के बावजूद तमाम छात्र हर साल देशभर में जानकारी के अभाव में रैगिंग का शिकार हो जाते हैं। यूजीसी की वेबसाइट पर भी रैगिंग से बचाव की पूरी जानकारी और फिल्म उपलब्ध है। अब यूजीसी ने इसकी जागरुकता हर कैंपस तक पहुंचाने के लिए फिल्म मेकिंग प्रतियोगिता शुरू की है।
इसके तहत किसी भी कालेज या विवि के छात्र, रैगिंग पर पांच से दस मिनट की डॉक्यूमेंट्री या फिक्शन फिल्म बनाकर अपने संस्थान के माध्यम से यूजीसी को भेज सकते हैं। एक कालेज या विवि से केवल तीन श्रेष्ठ एंट्री ही स्वीकार की जाएंगी। इसके बाद यूजीसी की ओर से एक समिति बनाई जाएगी जो कि सभी एंट्री को देखने के बाद फैसला लेगी।