सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत सेवा का अधिकार आयोग को समय पर संपत्ति हस्तांतरण के लंबित कुल 1,017 मामलों के निस्तारण में देरी करने वाले नगर निगम के 22 अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने 500-500 रुपये का जुर्माना लगाया है। जिलाधिकारी की इस कार्रवाई से नगर निगम के अफसरों और कर्मियों में हड़कंप मचा है। कार्रवाई की जद में आए तीन कर्मचारी पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
डीएम की ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक, नगर निगम के जिन अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है, उसमें उप नगर आयुक्त सोनिया पंत, सहायक नगर आयुक्त रवींद्र कुमार दयाल एवं राजस्व अधीक्षक धर्मेश पैन्युली समेत 22 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं। जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी जुर्माने की धनराशि चालान के जरिए भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में जमा कराएंगे। आयोग के आदेश पर जिलाधिकारी की ओर से की गई कार्रवाई के बाद नगर निगम अधिकारियों, कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग ने नगर निगम प्रशासन से संपत्ति हस्तांतरण के लंबित कुल 1,017 मामलों रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन नगर निगम अधिकारियों ने समय रहते आयोग को रिपोर्ट नहीं मुहैया कराई।
इस बात को उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त से रिपोर्ट नहीं पेश करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों की रिपोर्ट तलब करने के साथ ही जिलाधिकारी को संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश जारी किया। आयोग के आदेश पर जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त से उन सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की सूची तलब की, जिन्होंने संपत्ति हस्तांतरण के मामले में लापरवाही बरती। नगर आयुक्त की ओर से विभागीय जांच पड़ताल करने के बाद सभी अधिकारियों के नामों की सूची जिलाधिकारी को भेजी। आखिरकार आयोग के निर्देश पर जिलाधिकारी डॉक्टर आर राजेश कुमार ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों पर 500-500 रुपये का जुर्माना लगाते हुए जुर्माने की धनराशि ट्रेजरी चालान से स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में जमा कराने का आदेश जारी किया है।
इन अफसरों, कर्मियों पर लगाया गया जुर्माना
उप नगर आयुक्त सोनिया पंत, सहायक नगर आयुक्त रवींद्र कुमार दयाल, कर एवं राजस्व अधीक्षक धर्मेश पैन्युली, पूनम रावत, अनिरुद्ध चौधरी, दीपेंद्र बमोला, रमेश पाठक, कुलदीप सिंह, सीमा रावत, रमेश काला, संजय कसाना, शरद डिमरी, दिनेश डबराल, अजय बहुगुणा, सुदेश जोशी, नंदा बल्लभ सवाल, लिपिक लक्ष्मी प्रसाद, विजय पैन्युली, खुशीराम थपलियाल, कमल रावत, परमानंद, ममतेश चौधरी, गजेंद्र चौहान, अनिल उनियाल और दिनेश कोठारी। लक्ष्मी प्रसाद, विजय पैन्युली, और दिनेश कोठारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं।