पहले भूख लगनी बंद हो जाती है और फिर कुछ दिन बाद हो जाती है मौत। यह कोई फिल्मी कहानी नहीं बल्कि हरिद्वार में पथरी के एक परिवार की दास्तां है। इस परिवार में पिछले तीन माह में पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
मरने वालों में चार भाई बहन और पांचवां पिता है। पिता की मौत तो शुक्रवार सुबह ही हुई है। डॉक्टर की माने तो यह अज्ञात बीमारी है। परिजनों की मानें तो परिवार के एक और सदस्य में यह लक्षण दिखाई दे रहा है।
नसीरपुर कलां निवासी शहीद के 11 बच्चे हैं। एक जनवरी को शहीद की आठ साल की बेटी रेशमा (8) की अचानक मौत हो गई। इसके बाद परिवार में मौत का सिलसिला शुरू हुआ। फिर 19 जनवरी को बेटा फुरकान (17), 26 जनवरी को बेटी साबरी (10) की मौत हो गई। इसके बाद चार दिन पहले यानी 31 मार्च को बेटी शहराना (24) भी चल बसी।
इतना ही नहीं तीन अप्रैल को परिवार के मुखिया शहीद की भी मौत हो गई। मौत की दहशत से शहीद का बड़ा बेटा अल्ताफ अपनी पत्नी एवं बच्चों को लेकर ससुराल (बिजनौर) चला गया है।