78 घंटे का है एफएपी
एनएमसी के मुताबिक, प्रथम वर्ष में छात्र को उस गांव में नौ विजिट करनी होगी, जिसमें चिकित्सकीय परीक्षण के लिए 27 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। इसी तरह दूसरे वर्ष में 10 और तीसरे वर्ष में सात विजिट करनी होंगी। हर विजिट में औसतन तीन घंटे का समय देना होगा। कुल विजिट के अंतर्गत 78 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
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उत्तराखंड के 975 छात्र गोद लेंगे परिवार
राज्य के चार सरकारी और तीन निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल 975 सीटें हैं। इनमें सरकारी कॉलेजों की 442 और निजी कॉलेजों की 450 सीटें शामिल हैं। एनएमसी के नियमों के मुताबिक, इस साल इन सीटों पर दाखिला लेने वाले सभी छात्रों को गांव में परिवार गोद लेने अनिवार्य होंगे।
एनएमसी ने जो गाइडलाइंस जारी की हैं, वह इसी साल से एमबीबीएस पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगी। एमबीबीएस के पाठ्यक्रम में प्रथम वर्ष से फैमिली एडॉप्शन प्रोग्राम शामिल हुआ है। सभी कॉलेजों को इसका अनुपालन करना होगा। - प्रो. हेमचंद्र, कुलपति, एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विवि