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मां पिता की इच्छा पूरी करने के लिए श्रवण कुमार बने ये पांच भाई

Tue, 11 Jul 2017 09:21 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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कलयुग में जहां बच्चे मां बाप को बोझ समझते हैं वहीं बुजुर्ग मां-बाप की इच्छा पूरी करने के लिए पलवल हरियाणा के पांच भाइयों ने श्रवण कुमार बनकर सामने आए। कांवड़ यात्रा के पहले ही दिन पांचों भाई कांवड़ में मां बाप को बैठाकर पैदल 350 किलोमीटर का सफर तय करने के लिए हरियाणा के लिए रवाना हो गए।
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मां बाप के आज्ञाकारी बेटों की यह कांवड़ यात्रा जहां जहां से गुजरी, सबका ध्यान अनायास ही उनकी तरफ खिंचता चला गया। हरियाणा के पलवल में फूलवाड़ी गांव निवासी (75 वर्षीय) किसान चंद्रपाल और (65 साल) की रूपवती की इच्छा थी कि वे भी हरिद्वार से गंगा जल भरकर लाएं और शिवालय में चढ़ाएं, लेकिन उम्र का तकाजा होने के कारण दोनों बुजुर्ग 350 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। तब उनके पांचों बेटों ने अपना फर्ज अदा करने के लिए श्रवण कुमार की तरह तीर्थ यात्रा कराने का संकल्प लिया।
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बेटे ने बताया, मां बाप ने हमारे लिए सबकुछ

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पलवल रवाना होने के दौरान बड़े बेटे रोहताश ने बताया कि मां बाप ने हमारे लिए सबकुछ किया है। ऐसे में उनकी हर इच्छा पूरी करना हमारा फर्ज बनता है। इसीलिए छोटे भाई बंसीलाल, राजू, जगपाल और महेन्द्र ने मिलकर तीर्थयात्रा कराने का फैसला लिया था।

छह जुलाई को परिवार ट्रैक्टर ट्राली से हरिद्वार आया था। हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान और प्रमुख मंदिरों के दर्शन करने के बाद गंगाजल लेकर अब घर के लिए रवाना हो गए हैं। चारों भाई अपने कंधों पर मां बाप को लेकर गंतव्य की तरफ बढ़ते। जब चारों में कोई भी भाई थक जाता, ट्रैक्टर पर मौजूद पांचवां भाई उसकी जगह ले लेता। कांवड़ यात्रा के पहले ही दिन बुजुर्ग मां बाप के प्रति पांच भाईयों के भक्तिभाव को देखकर सबने उनकी सराहना की। लोग यह कहते नजर आए कि आज भी श्रवण कुमार जैसे पुत्र इस समाज में मौजूद हैं।
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