अब सरकारी सेवाओं में आयुर्वेद चिकित्सकों के बनाए फिटनेस और मेडिकल सर्टिफिकेट भी मान्य होंगे। हालांकि यह नियम काफी समय से लागू है, लेकिन ज्यादातर जगहों पर इसका पालन नहीं किया जाता है। अब भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद ने सभी राज्य सरकारों को दोबारा इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं।
आमतौर पर सरकारी सेवाओं में एलोपैथिक चिकित्सकों से जारी फिटनेस और मेडिकल समेत अन्य सर्टिफिकेट ही मान्य होते हैं। नियमानुसार आयुर्वेदिक चिकित्सक भी यह सर्टिफिकेट जारी कर सकते हैं। हालांकि, ज्यादातर सरकारी विभागों में इसे वैध नहीं माना जाता है।
भारतीय चिकित्सा परिषद ने दिए निर्देश
ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य सेवाओं में दिया जाने वाला मेडिकल सर्टिफिकेट भी एलोपैथिक चिकित्सक का ही मान्य होता है। आयुष चिकित्सक संघ ने काफी समय पूर्व भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद को पत्र भेजकर मामले की जानकारी दी थी। अब परिषद ने सभी राज्यों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
पत्र में परिषद ने केंद्र सरकार के साल 1970 के प्रावधानों को लागू करने के निर्देश दिए हैं, जिसके अनुसार आयुर्वेदिक चिकित्सक भी फिटनेस और मेडिकल समेत अन्य सभी सर्टिफिकेट जारी कर सकते हैं। आयुष चिकित्सक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय चौहान ने बताया कि पहले से भी ऐसे निर्देश थे, लेकिन राज्य सरकार इसे मान नहीं रही थी।
इनका है कहना
आयुर्वेद चिकित्सकों के बनाए फिटनेस और मेडिकल सर्टिफिकेट के मान्य होने के संबंध में भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के दिशा-निर्देश मिले हैं। इनका क्रियान्वयन सुनिश्चित कर संबंधित को निर्देशित किया जाएगा। यह प्रावधान लागू होने से लोगों को भी फायदा मिलेगा।
-प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी, निदेशक, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवाएं