भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में कड़ा प्रशिक्षण लेकर सैन्य अफसर बनने से पहले जेंटलमैन कैडेट्स को उनकी मेहनत और काबिलियत का इनाम मिला। आईएमए में हुई अवॉर्ड सेरेमनी में कैडेट्स को व्यक्तिगत उत्कृष्टता, रोलिंग ट्रॉफीज और बैनर्स से नवाजा गया। अकादमी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल हरेंद्र सिंह ने भारतीय और सात विदेशी सेनाओं में शामिल होने जा रहे अफसरों को देश रक्षा और कर्तव्यों का मूलमंत्र दिया।
आईएमए स्थित खेत्रपाल ऑडिटोरियम में देश के भावी सैन्य अफसरों की अवार्ड सेरेमनी आयोजित की गई। कार्यक्रम में आईएमए के कमांडेंट ने पुरस्कार पाने वाले कैडेट्स को बधाई दी। उन्होंने का कि देश प्रत्येक युवा अधिकारी से अपेक्षा करता है कि उसके हाथों में देश सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि एक अच्छे लीडर के लिए धैर्य, साहस, ज्ञान ओर बुद्धिशीलता बहुत आवश्यक है।
एक अधिकारी के लिए जरूरी है कि वह हर समय खेलकूद और निष्पक्ष खेल के मापदंडों के भीतर प्रतिस्पर्धात्मक लकीर बनाए रखें। टीम के रूप में जीतने और उत्कृष्टता का प्रयास हमेशा होना चाहिए। युद्ध व्यक्तिगत तौर पर नहीं जीता जाता। यह हमेशा सामूहिक और एक टीम प्रयास के बल पर ही जीता जाता है और युद्ध में कोई उपविजेता नहीं होता है। इस दौरान सेना के अफसरों समेत जेंटलमैन कैडेट्स उपस्थित थे।
मेडल उत्कृष्टता कैडेट:
1- पैराशूट रेजीमेंट मेडल, धैर्य एवं शारीरिक दृढ़ता, वतनदीप सिंह सिद्धू
2- 9 जीआर मेडल, मिलिट्री स्टडीज, आशीष कुमार
3- सिख रेजीमेंट सिल्वर मेडल, खेल, निदेश सिंह यादव
4- मराठा लाई मेडल, पीटी, वतनदीप सिंह सिद्धू
5- राजपूत रेजीमेंट सिल्वर मेडल, एकेडमिक्स, आशीष कुमार
6- सिख लाई सिल्वर मेडल टर्नआउट एंड ड्रिल, मज्जी गिरिधर
7- राजपूताना राइफल मेडल, नीतिगत दक्षता, वतनदीप सिंह सिद्धू
8- जाट रेजीमेंट सिल्वर मेडल, ओक्यू, मज्जी गिरिधर
9- कॉर्प ऑफ सिग्नल मैडल, फर्स्ट इन साइंस एंड वेलफ़ेयर, आशीष कुमार
10- ब्रिगेड ऑफ गार्ड मेडल, बेस्ट इन सर्विस सब्जेक्ट, मज्जी गिरिधर
11- 8 जीआर मेडल, बेस्ट इन डब्ल्यूटी, ईश्वर गुरुंग
12- 5 जीआर मेडल, एलएमजी, पलडन डुकपा