उत्तरकाशी जिले के सुदूरवर्ती मोरी ब्लॉक के जखोल गांव में आग लगने से लकड़ी तथा मिट्टी-पत्थर से बने 16 दो मंजिले मकान और 13 कोठार मय सामान के जलकर नष्ट हो गए।
इस अग्निकांड से 20 परिवार प्रभावित हुए हैं जबकि 18 मवेशी काल का ग्रास बने। हादसे में अपना सब कुछ गंवा चुके परिवारों के समक्ष अब रहने-खाने तथा ओढ़ने, पहनने की समस्या खड़ी हो गई है।
मोरी ब्लॉक मुख्यालय से 22 किमी दूर जखोल गांव में बृहस्पतिवार देर रात करीब 11 बजे गुलाब सिंह के मकान में आग भड़की। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते आग ने आसपास के 16 मकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
आग से घरों का सबकुछ जलकर खाक
आग लगने पर हल्ला सुनकर आसपास के ग्रामीणों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचायी, लेकिन वे घरों में बंधे मवेशियों तथा अन्य सामान को नहीं बचा पाए।
ग्रामीणों ने बड़ी मुश्किल से आग को अन्य मकानों की ओर बढ़ने से रोका। शुक्रवार दोपहर तक भी इन मकानों में आग पूरी तरह ठंडी नहीं हो पायी थी।
अग्निकांड में जखोल गांव निवासी गुलाब सिंह, रणजोर सिंह, ज्ञान सिंह, भजन सिंह, भगवान सिंह, जगमोहन, जोतन, मूर्ति सिंह, केदार सिंह, रामशरण, सियानंद, कल्याण सिंह, गजेंद्र सिंह, प्रदीप, शूरवीर सिंह एवं किशन सिंह के लकड़ी तथा मिट्टी-पत्थर से बने कुल 16 दो मंजिले आवासीय भवन तथा देवदार की लकड़ी से बने 13 कोठार मय सामान जलकर राख हो गए।
क्षति का आंकलन करने जखोल पहुंची टीम
जखोल गांव में अग्निकांड की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने पीड़ितों को राहत मुहैया कराने के साथ ही क्षति का आंकलन भी किया।
आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार अग्निकांड में 20 परिवार प्रभावित हुए हैं। हादसे की सूचना मिलने पर एसडीएम पुरोला के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है।
प्रत्येक पीड़ित परिवारों को 27,00 रुपये की सहायता तथा एक-एक कंबल दिया गया है। प्रशासन उनके लिए टैंट एवं तिरपाल की व्यवस्था भी कर रहा है।