आखिरकार चालक रवींद्र कंडारी व परिचालक सुरेश रावत ने यात्रियों की मदद से पास में ही रखे पानी के टैंक से पानी डालकर आग पर काबू पाया। गनीमत रही बड़ा हादसा नहीं हुआ। परिचालक सुरेश की सूचना पर अधिकारियों के आदेश पर दूसरी बस मौक पर भेजी गई, जिसमें यात्रियों को बैठाकर मसूरी भेजा गया।
दूसरी ओर महाप्रबंधक दीपक जैन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि मामले की जांच करायी जा रही है। जांच में जिसकी भी लापरवाही पायी गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दो दिन के अंदर रोडवेज की दो-दो बसों में आग लगने की घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुकून देने वाली बात यह है कि इन दोनों घटनाओं में किसी यात्री की जान नहीं गई। लेकिन आग की घटनाओं ने यात्रियों के साथ ही विभागीय अधिकारियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।