दूसरी ओर जंगलोें को आग से बचाने के लिए वन निदेशालय में अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया गया है। जंगलों में लगी आग पर तत्काल काबू पाया जा सके इसके लिए पूरे राज्य में 1437 क्रू स्टेशन की व्यवस्था की गई है। सभी क्रू स्टेशन में सात कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा राज्य में 174 वॉच टावर स्थापित किए गए हैं। जंगलों में लगी आग की तत्काल जानकारी दी जा सके इसके लिए प्रभागीय मास्टर कंट्रोल रूम, रेंज कार्यालयों, क्रू स्टेशन और फील्ड स्टाफ को वायरलेस मुहैया कराए गए हैं। आग की घटनाओं की जानकारी आनलाइन मुहैया कराने की भी व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा फारेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया से एसएमएस द्वारा फायर अलर्ट प्राप्त करने की सुविधा शुरू की गई है। जंगलों में आग न लगे या लगने की स्थिति में तत्काल इस पर काबू पाया जा सके। इसके लिए सभी 40 प्रभागीय वनाधिकारियों के मुख्यालयों में मास्टर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों में आग की ज्यादा घटनाएं हुई, उनको देखते हुए संवेदनशील व अति संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। जिन पर विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों की पैनी नजर है।
बारिश से मिली राहत
पिछले चौबीस घंटे के भीतर राज्य के विभिन्न इलाकों में हुई बारिश व बूंदाबांदी से थोड़ी राहत भी मिली है लेकिन यदि आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ी तो वनाग्नि से और अधिक तबाही होगी।